इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि वह तुरंत केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों से एक पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर राहुल गांधी के ख़िलाफ़ शिकायत दर्ज कराने वाले व्यक्ति को पूर्ण रूप से उपलब्ध कराए।
और फिर लाइव लॉ के मुताबिक़, शिकायत करने वाले व्यक्ति ने ये भी दावा किया है कि वह कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के ख़िलाफ़ कई मामले दायर करने और उनकी नागरिकता पर सवाल उठाने के कारण लगातार ख़तरे में भी बने हुए है।
और फिर यह आदेश न्यायमूर्ति संगीता चंद्रा और न्यायमूर्ति बृज राज सिंह की खंडपीठ ने एस विग्नेश शिशिर की याचिका पर सुनवाई के दौरान ही दिया गया।
आगे शिशिर का ये भी कहना है कि वह भारतीय जनता पार्टी के कर्नाटक स्टेट विंग से जुड़े हुए भी हैं।
और फिर लाइव लॉ के मुताबिक़, शिशिर ने राहुल गांधी की नागरिकता को लेकर इलाहाबाद हाई कोर्ट में कई जनहित याचिकाएं भी दायर की हैं।
साथ ही शिशिर का ये भी कहना हैं कि उन्होंने जून 2024 में लखनऊ में सीबीआई की स्पेशल क्राइम ब्रांच में राहुल गांधी के ख़िलाफ़ शिकायत दर्ज कराई थी, जिसे बाद में एंटी-करप्शन-II ब्रांच, नई दिल्ली को ट्रांसफर भी कर दिया गया।