अमेरिका ने अब ये कहा है कि उसकी सेना ने सीरिया में इस्लामिक स्टेट के ख़िलाफ़ ‘बड़ा सैन्य हमला’ भी किया है।
और फिर यह कार्रवाई वहां तैनात अमेरिकी बलों पर हुए एक घातक हमले के जवाब में ही की गई है।
इसके साथ ही अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने ये भी बताया कि ‘ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक’ का मक़सद आईएस के लड़ाकों, उनके ढांचे और हथियारों के ठिकानों को नष्ट भी करना था।
इसके साथ ही अमेरिकी अधिकारियों ने ये भी बताया कि इस हमले में लड़ाकू विमान, हमला करने वाला हेलिकॉप्टर और तोपख़ाने का इस्तेमाल भी किया गया।
और फिर मध्य सीरिया में कई ठिकानों को निशाना भी बनाया गया। इतना ही नहीं अमेरिका का कहना है कि उसके इस हमले में जॉर्डन के विमान भी शामिल थे।
और फिर बाद में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका आईएस के गढ़ों पर ‘बहुत ज़ोरदार हमला’ भी कर रहा है।
और फिर यह कार्रवाई 13 दिसंबर को सीरियाई शहर पॉलमायरा में हुए आईएस के हमले के बाद ही की गई है, जिसमें दो अमेरिकी सैनिक और एक अमेरिकी नागरिक इंटरप्रेटर भी मारे गए थे।