अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने अब आज कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस पर प्रतिबंध लगाने वाले एक विधेयक को मंज़ूरी भी दे दी है।
और फिर उनका कहना है कि यह विधेयक भारत, चीन और ब्राज़ील जैसे देशों पर दबाव बनाने में पूर्ण मदद करेगा ताकि वे रूसी तेल ख़रीदना बंद करें।
इसके साथ ही सीनेटर ग्राहम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि यह क़दम यूक्रेन में जारी शांति वार्ता के बीच उठाया गया है और उम्मीद है कि इस पर अगले हफ़्ते संसद में द्विदलीय मतदान भी होगा।
और फिर आगे उन्होंने कहा, आज राष्ट्रपति ट्रंप के साथ कई मुद्दों पर एक बहुत उपयोगी बैठक भी हुई।
और फीफर उन्होंने उस द्विदलीय रूस प्रतिबंध विधेयक को मंज़ूरी दी। फिर जिस पर मैं कई महीनों से सीनेटर ब्लूमेंथल और अन्य सांसदों के साथ काम भी कर रहा हूं।
और फिर यह सही समय पर लाया गया विधेयक है, क्योंकि यूक्रेन शांति के लिए रियायतें भी दे रहा है, जबकि पुतिन सिर्फ़ बातें कर रहे हैं और निर्दोष लोगों की हत्या भी जारी है।
इसके अलावा ग्राहम ने कहा कि यह विधेयक राष्ट्रपति ट्रंप को उन देशों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने का अधिकार भी देगा, जो सस्ता रूसी तेल ख़रीदकर रूस के युद्ध प्रयासों को आर्थिक मदद भी दे रहे हैं।
और फिर उनके मुताबिक़, इससे भारत, चीन और ब्राज़ील जैसे देशों पर दबाव बनाया जा सकेगा ताकि वे रूसी तेल खरीदना बंद भी करें।
और फिर अमेरिकी संसद की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक़, इस विधेयक का नाम ‘सैंक्शनिंग ऑफ़ रशिया एक्ट 2025’ भी है।
फिर इसके तहत रूस से अमेरिका में आयात होने वाले सभी सामान और सेवाओं पर कम से कम 500 प्रतिशत तक शुल्क लगाने का प्रावधान भी है।
और साथ ही, इसमें रूस से जुड़े व्यक्तियों और संस्थाओं पर भी सख़्त प्रतिबंध लगाए जाने की बात भी कही गई है।
और फिर इससे पहले बुधवार को यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों स्टीव विटकॉफ़ और जारेड कुश्नर से मुलाक़ात की।
जिसमें रूस-यूक्रेन युद्ध को ख़त्म करने के लिए कूटनीतिक रास्तों पर मुख्य चर्चा भी हुई।
और फिर इससे पहले राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रूसी तेल ख़रीदने को लेकर भारत पर लगाए गए ऊंचे टैरिफ़ से खुश भी नहीं हैं।
और फिर अमेरिका ने भारत पर कुल 50 फ़ीसदी टैरिफ़ लगाए हैं, जिनमें से 25 प्रतिशत रूसी तेल खरीदने को लेकर ही हैं।
इसके अलावा ट्रंप ने यह भी चेतावनी दी कि अगर भारत रूसी तेल आयात को लेकर अमेरिका की चिंताओं को दूर नहीं करता है, तो भारतीय सामानों पर टैरिफ़ और भी ज्यादा बढ़ाए जा सकते हैं।