न्यूज़लिंक हिंदी। आंध्र प्रदेश में भीषण रेल दुर्घटना में 14 लोगों की मौत हो गई और 50 लोग घायल हो गए। ईस्ट कोस्ट रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि रविवार शाम 7 बजे के आसपास विशाखापत्तनम से लगभग 40 किलोमीटर दूर कांतपल्ले में पलासा पैसेंजर ट्रेन ने रायगड़ा पैसेंजर ट्रेन को पीछे से टक्कर मार दी, जिससे उसके तीन डिब्बे पटरी से उतर गए। अधिकारियों के अनुसार,कल शाम हावड़ा-चेन्नई लाइन पर एक पैसेंजर ट्रेन सिग्नल से आगे निकल गई और दूसरी ट्रेन से पीछे से टकरा गई।
इस रेल हादसे के बाद रेलवे ने 13 ट्रेनों को रद्द, डायवर्ट या टर्मिनेट किया है। रेलवे ने कहा है कि हादसे की वजह से ट्रैक ब्लॉक हो गए हैं, जिन पर अभी मरम्मत का काम जारी है, जिसकी वजह से यहां से ट्रेन गुजर नहीं सकती है। रेलवे ने इसे मानवीय गलती बताया है।
इस हादसे को मिलाकर इस साल तीन बड़े रेल हादसे हो चुके हैं। इससे पहले ओडिशा के बालासोर और बिहार के बक्सर में रेल हादसे ने कई घरों के चिराग बुछा दिए थे। रेलवे जहां इतनी तरक्की कर रही है, वहीं एक के बाद एक हो रहे हादसों ने देश को दहला दिया है। केंद्र सरकार भी इससे सकते मे हैं। आशंका ये भी लगाई जा रही है कि भारतीय रेलवे शायद किसी बड़ी साजिश का शिकार हो रही है। इसकी एक या दो नहीं, बल्कि कई वजह हैं। इन वजहों पर बात करें, उससे पहले सभी रेल हादसों पर एक नर डाल लेते हैं।
2 जून को हुए बालासोर ट्रेन हादसे में तीन ट्रेनें आपस में टकराई थीं। इस हादसे में 292 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 1,208 यात्री घायल हुए थे। इस हादसे की जांच सीबीआई कर रही है। रेलवे की ओर से की गई जांच रिपोर्ट में सिग्नलिंग और दूरसंचार विभाग की खामियों को उजागर किया गया है। वहीं बक्सर में 11 अक्टूबर को दिल्ली-कामख्या ‘नॉर्थ ईस्ट एक्सप्रेस’ के 22 डिब्बे पटरी से उतर गए थे। इस हादसे में 4 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 30 यात्री घायल हुए थे। रिपोर्ट के मुताबिक इस हादसे की वजह से 52 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है।

