न्यूज़लिंक हिंदी। असम के तिनसुकिया जिले में गांधी की प्रतिमा को लेकर इन दिनों बहुत ही हंगामा मचा है। विवाद डूमडूमा कस्बे में महात्मा गांधी की प्रतिमा हटाने को लेकर है।
आरोप है कि घंटाघर के निर्माण के लिए महात्मा गांधी की प्रतिमा को संयुक्त रूप से हटा दिया गया। विरोध में गुरुवार को लोगों ने बड़ा प्रदर्शन किया। कस्बे के गांधी चौक पर कई सालों से लगी 5.5 फीट ऊंची प्रतिमा को बुधवार को खुदाई करने वाली क्रेन की मदद से हटा दिया गया।
डूमडूमा से कांग्रेस के पूर्व विधायक दुर्गा भूमिज ने विरोध प्रदर्शन का मुख्य नेतृत्व भी किया। उन्होंने कहा,हम राष्ट्रपिता की प्रतिमा के स्थान पर घंटाघर नहीं बनने देंगे। वे घंटाघर कहीं और बना सकते हैं, लेकिन गांधी की प्रतिमा अपने मूल स्थान पर ही रहनी चाहिए। यह उनका पूर्ण अपमान है। लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंची है।
जनता की नाराजगी के बाद डूमडूमा से भाजपा विधायक रूपेश गोवाला ने गुरुवार को आश्वासन दिया कि घंटाघर के अलावा मूल स्थल पर ही छह महीने के भीतर महात्मा की नई और ऊंची प्रतिमा का निर्माण मुख्य रूप से किया जाएगा।
हालांकि, बीजेपी नेता के नई प्रतिमा के दिलासे के बावजूद, निवासियों ने घंटाघर के लिए मौजूदा प्रतिमा के हटाने पर मुख्य नाराजगी भी जताई। ब्रिटिश औपनिवेशिक विरासत के प्रतीक माने जाने वाले घंटाघर के नीचे गांधी प्रतिमा रखने के प्रतीकात्मक महत्व को लेकर लोगों ने मुख्य चिंता भी जताई। कांग्रेस नेता ने ये भी कहा कि नई प्रतिमा अगर लगाई जाएगी तो वह नई जगह होगी, जबकि पुरानी प्रतिमा और उसकी जगह का अलग ही महत्व रहता हैं।

