न्यूज़लिंक हिंदी, अयोध्या। अब अयोध्या को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिल गई। अंतरराष्ट्रीय वायु परिवहन संघ (IATA) ने महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा अयोध्या धाम के लिए कोड जारी कर दिया। यहां से उड़ान छह जनवरी से शुरू होने वाली हैं। दो विमान कंपनियों ने उड़ान का शेड्यूल भी जारी कर दिया है।
उड़ान के लिए एयरपोर्ट का कोड उसकी विशेष पहचान है। किसी भी एयरपोर्ट से उड़ान के लिए यह अनिवार्य होता है। इसे एक प्रकार से लाइसेंस भी कहते हैं। इसे 150 देशों में एयरलाइंस समूह की संस्था इंटरनेशनल एयर ट्रासंपोर्ट एसोसिएशन जारी करती है। इसका मुख्यालय कनाडा में स्थित है।
अंतरराष्ट्रीय वायु परिवहन संघ का काम सुरक्षित, निश्चित, विश्वसनीय सेवाएं उपलब्ध कराना है। यह उड़ान संबंधी समस्याओं का समाधान करता है। इसके साथ ही उड़ान, किराये और अन्य व्यवस्थाओं पर भी इसकी नजर रहती है। आईएटीए ने महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा अयोध्या धाम के लिए एवाईजे कोड जारी किया है। इस कोड के जारी होने के साथ ही एयरपोर्ट अंतरराष्ट्रीय नागर विमानन संगठन (आईसीएओ) से जुड़ जाता है।
यह संयुक्त राष्ट्र का एक अभिकरण है। इसका काम अंतरराष्ट्रीय उड़ान के सिद्धांत और तकनीकों को नियत करना है। महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से इंडिगो और एयर इंडिया एक्सप्रेस की देश के पांच शहरों से उड़ान शुरू होने वाली है। दोनों विमानन कंपनियों ने उड़ान का शेडयूल भी जारी कर दिया है।
3:30 बजे दिल्ली के लिए रवाना होगी वंदे भारत
वंदे भारत ट्रेन का चार जनवरी से संचालन शुरू होगा। यह ट्रेन दोपहर 3:20 बजे अयोध्या कैंट से रवाना होगी। शाम 5:15 बजे लखनऊ, 6:35 पर कानपुर सेंट्रल व रात 11:40 बजे आनंद बिहार पहुंचेगी। वापसी में यह ट्रेन आनंद बिहार से सुबह 6:10 बजे चलेगी, जो 11 बजे कानपुर सेंट्रल, 12:25 बजे लखनऊ व 2:30 बजे अयोध्या कैंट पहुंचेगी।
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UPSSF दस्ते को अयोध्या में तैनात किया गया
महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा की सुरक्षा अत्याधुनिक उपकरणों से की जा रही है। विशेष प्रशिक्षण प्राप्त यूपीएसएसएफ दस्ते को अयोध्या में तैनात किया गया है। सोमवार को स्थानीय स्तर अफसरों ने चेकिंग प्वाइंट पर सुरक्षा का जायजा लिया।हवाई अड्डा की सुरक्षा उत्तर प्रदेश विशेष सुरक्षा बल छठवीं वाहिनी को सौंपी गई है। यहां तीन इंस्पेक्टर, 55 उप निरीक्षक, 22 मुख्य आरक्षी और 194 आरक्षी लगाए गए हैं। कुल संख्या 294 है।
जवानों को वाच टावर के साथ सभी प्वाइंट पर तैनात किया गया है। स्क्रीन के जरिए पूरे एयरपोर्ट की सुरक्षा की सतत निगरानी शुरू कर दी गई। अलग-अलग काम के लिए अलग-अलग टीमें लगाई गई हैं। यूपीएसएसएफ के मीडिया प्रभारी विवेक श्रीवास्तव ने बताया कि तैनाती के पहले जवानों को अपर पुलिस महानिदेशक एलवी एंटनी देव कुमार ने सुरक्षा की बावत जानकारी दी। तीन माह का विशेष प्रशिक्षण, सुरक्षा शाखा से सुरक्षा संबंधी उपकरणों का प्रशिक्षण दिया गया है।
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यूपी एटीएस से आधुनिक हथियारों का विशेष प्रशिक्षण और यूपीएसडीआरएफ से आपदा से निपटने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। एयरपोर्ट की सुरक्षा के लिए पांच दिन का इंडक्शन कोर्स, 14 दिन का बेसिक कोर्स, पांच दिन का ऑन जॉब ट्रेनिंग, पांच दिवस का स्क्रीनर्स से संबंधित विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। प्राण प्रतिष्ठा समारोह के मद्देनजर तैनात जवान आतंकी खतरों, भीड़ भाड़ से निपटने की क्षमता रखते हैं।

