राम नगरी में शनिवार को दोपहर राम मंदिर परिसर में कश्मीरी नागरिक ने नमाज पढ़ने का प्रयास किया गया।
और फिर एक कश्मीरी नागरिक को नमाज पढ़ने की कोशिश करते देख सुरक्षाकर्मियों ने पकड़ लिया गया।
इसके साथ ही कश्मीरी नागरिक को दक्षिणी परकोटे क्षेत्र में नमाज पढ़ने के प्रयास में हिरासत में लिया गया। नमाज पढ़ने से रोके जाने पर उसने नारेबाजी की।
खुफिया एजेंसियां व पुलिस की टीमें उससे पूछताछ में भी लगी हैं। और फिर जिला प्रशासन ने फिलहाल कोई आधिकारिक बयान भी जारी नहीं किया है। और फिर वहीं राम मंदिर ट्रस्ट ने भी पूरे प्रकरण पर चुप्पी भी साध रखी है।
और फिर उसे हिरासत में लेकर रामजन्मभूमि पुलिस चौकी ले जाया गया, जहां एसपी सुरक्षा बलरामाचारी दुबे के नेतृत्व में सुरक्षा एजेंसियां उससे पूछताछ करने में भी जुटी हुई हैं। अभी पुलिस-प्रशासन का कोई अधिकारी इसकी पुष्टि नहीं कर रहा है।
फिर ये भी बताया जा रहा कि अधेड़ उम्र का एक मुस्लिम नागरिक मंदिर में दर्शन के बाद राम मंदिर के दक्षिणी परकोटे से निकलते समय नमाज पढ़ने की कोशिश भी करने लगा।
फिर सुरक्षा कर्मियों ने जैसे ही ऐसा करते हुए देखा, उसे पकड़ कर हिरासत में ले लिया गया।
फिर इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दी गई और उसे परिसर में ही स्थित रामजन्मभूमि पुलिस चौकी में ले जाया गया, जहां से उससे सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारी पूछताछ कर रहे हैं।
ये भी बताया जा रहा हि राम मंदिर परिसर में कश्मीरी नागरिक ने सीता रसोई के पास नमाज पढ़ने की कोशिश की। और फिर रोके जाने पर अहमद शेख ने नारे भी लगाए।
इसके अलावा शोपियां का रहने वाला अहमद शेख राम मंदिर परिसर के गेट D1 से घुसा था। और फिर सुरक्षाबलों ने उसको हिरासत में लिया।
और फिर मिली खबरों के अनुसार उक्त व्यक्ति जम्मू-कश्मीर के शोपियां इलाके का बताया जा रहा है।
फिर उसका नाम एबी अहद शेख (56 वर्ष) पुत्र इस्माइल शेख, ग्राम वोडापोरा, शोपियां भी बताया गया है।। फिर इसके बाद परिसर के सुरक्षा कर्मियों को अलर्ट कर दिया गया है।
और फिर इतना ही नहीं राम मंदिर परिसर में नमाज पढ़ने के प्रयास में पकड़ा गया कश्मीरी मुस्लिम एबी अहद शेख शोपिया में सेब की खेती भी करता है।
प्रारंभिक पूछताछ में उसने अपना राममंदिर आना पर्यटन का हिस्सा भी बताया गया है। फिर उसके अमृतसर सहित अन्य पर्यटन एवं धार्मिक स्थलों के भ्रमण की भी सूचना है।
और फिर गत वर्ष मई में पकड़ी गई मुस्लिम महिला ने भी अपना राममंदिर आना पर्यटन का हिस्सा भी बताया था।
और फिर वह कई पर्यटन स्थल का भ्रमण भी कर चुकी थी। और फिर दोनों सामान्य दर्शनार्थी की भांति ही मंदिर में आए थे।