न्यूज़लिंक हिंदी। अयोध्या के महिला अस्पताल में भर्ती दुष्कर्म पीड़िता के प्रसव संबंधी अग्रिम इलाज को लेकर अब तक कोई भी निर्णय नहीं हो सका है। जोखिमपूर्ण इलाज को देखते हुए केजीएमयू लखनऊ बालिका का इलाज कराना बहुत ही बेहतर माना जा रहा है।
इसी को लेकर रविवार को सीएमओ ने महिला अस्पताल में वार्ता भी की। हालांकि, बाल कल्याण समिति व परिजनों की लिखित सहमति के बाद ही इस पर निर्णय लिया जाएगा। 12 साल की दुष्कर्म पीड़िता के गर्भ में 12 हफ्ते का भ्रूण पल रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार नौ माह तक बच्चे को गर्भ में पालकर प्रसव कराने में बालिका को और कठिनाइयों से गुजरना होगा।
इसमें उसकी जान को भी खतरा हो सकता है। बालिका का शरीर इस योग्य न होने व भ्रूण 12 सप्ताह का होने से उसके गर्भपात की ही प्रबल संभावना है। लेकिन इसके लिए बाल कल्याण समिति व परिजनों की लिखित सहमति लेना बहुत ही जरूरी है।
रविवार को सीएमओ की बैठक के दौरान बाल कल्याण समिति की सहायक व्यक्ति कविता मिश्रा भी मौजूद रहीं। उन्होंने बताया कि बालिका का इलाज लखनऊ से कराने पर चर्चा हुई है। सोमवार को इस पर निर्णय लिया जाएगा। इस दौरान डीएम-एसएसपी भी मौजूद रहे।
अधीक्षक डॉ. आशाराम ने बताया कि केजीएमयू से भी वार्ता की गई है। मौखिक रूप से तो सीडब्लूसी ने सहमति दी है, लेकिन रविवार होने के कारण लिखित रूप से निर्देश नहीं मिले हैं। सोमवार को ही निर्णय होने की उम्मीद है। उधर, भाजपा जांच दल ने पीड़िता की मां से बात की। इसपर उन्होंने बताया कि अब भी आरोपी सपा नेता मोईद खान के समर्थक धमकी दे रहे हैं।
समझौते का दबाव भी बना रहे हैं। हमें बहुत डर लग रहा है। इस पर प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण राज्य मंत्री व भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्र कश्यप ने कहा कि धमकी देने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होगी। योगी सरकार ऐसा करने वालों को नहीं छोड़ेगी।
नरेंद्र कश्यप ने कहा कि दुष्कर्म पीड़िता को न्याय के साथ दोषियों को फांसी दिलाएंगे। इस जघन्य घटना में शामिल लोग बच नहीं पाएंगे। योगी सरकार उन्हें मिट्टी में मिलाकर ही दम लेगी। आरोपी की अवैध संपत्तियों की जांच की जा रही है। उनपर भी बुलडोजर चलेगाराज्यमंत्री पीड़िता और उसके परिवार से मिलने के बाद सर्किट हाउस में संवाददाताओं से बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार की सुरक्षा सरकार की पूर्ण जिम्मेदारी है। सरकार ने सख्त कार्रवाई की है। आरोपी अभी जेल में है। उसकी संपत्ति ध्वस्त कर दी गई है। परिवार को आर्थिक मदद भी दी गई। घटना का मुख्य आरोपी सपा का नगर अध्यक्ष फैजाबाद के सांसद अवधेश प्रसाद का बेहद ही करीबी है। उस पर कार्रवाई की बजाय सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव डीएनए टेस्ट की बात कर रहे हैं। यह शर्मनाक है। सपा ने अपना असली रूप दिखा दिया है।

