न्यूज़लिंक हिंदी। बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में पुलिस ने अब बड़ा खुलासा किया है। पुलिस का कहना है कि मोहम्मद जीशान अख्तर नाम का शख्स इस केस की सबसे बड़ी कड़ी हो सकता है।
वह ही शूटरों और साजिशकर्ताओं के बीच की मुख्य कड़ी है। अब पुलिस के मुताबिक, जीशान करीब 10 अलग-अलग बैंक खातों का संचालन भी कर रहा था और आरोपियों के खातों में पैसे भी भेजे थे। पुलिस सूत्रों का कहना है कि 29 साल का अख्तर और पुणे का 23 साल का शुभम लोनकर ही इस केस के मुख्य साजिशकर्ता भी हैं। अख्तर ने ही लोनकर से शूटरों का इंतजाम करने को कहा था और उन्हें 3 से 4 लाख रुपये खर्च के तौर पर भेजे भी थे।
मिली जानकारी के मुताबिक, अख्तर ने अगस्त से लेकर अक्टूबर के पहले हफ़्ते तक पैसों का लेनदेन भी किया था। सिद्दीकी की हत्या 12 अक्टूबर को बांद्रा में उनके बेटे ज़ीशान के ऑफिस के बाहर कर दी गई थी। हत्या के पीछे का मकसद अभी तक साफ़ नहीं हो पाया है। एक पुलिस अधिकारी ने ये भी बताया कि शुक्रवार को गिरफ़्तार किए गए पांच आरोपियों में से दो ने रेकी भी की थी।
अख्तर ने उन्हें भी पैसे भेजे थे। इन पांचों आरोपियों को कुल मिलाकर 5 लाख रुपये नकद और बैंक खातों के ज़रिए ही मिले थे। इन्होंने ही शूटरों को तुर्की, ऑस्ट्रेलियाई और देसी पिस्टल भी मुहैया कराई थीं। पुलिस अधिकारी ने बताया कि 12वीं फेल अख्तर 2017 से ही अपराध की दुनिया में सक्रिय है। हम उसे ढूंढने की कोशिश भी कर रहे हैं।
ऐसा लगता है कि सभी आरोपियों को एक साथ लाने के पीछे वही मास्टरमाइंड है। उसकी गिरफ़्तारी से साजिश और इसमें शामिल बड़े लोगों के नामों का खुलासा भी हो सकता है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि अख्तर और लोनकर ने ही बहराइच ग्रुप को इकट्ठा किया था, जिसमें दो शूटर, हरियाणा का एक आदमी, पुणे के आरोपियों का ग्रुप और अंबरनाथ के लोग भी शामिल थे जिन्होंने हथियार मुहैया भी कराए गए थे।
एक पुलिस अधिकारी ने ये भी बताया कि सभी आरोपी जानकारी, फ़ोटो और साजिश रचने के लिए सोशल मीडिया ऐप का इस्तेमाल भी करते थे। उन्होंने बताया कि अब तक हमने 20 से 25 लोगों के बयान भी मुख्य रूप से दर्ज कर लिए हैं। अब तक 9 आरोपियों को गिरफ़्तार भी किया जा चुका है।

