न्यूज़लिंक हिंदी। प्रदेश में साल 2023 में हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी में नकल के कुल 255 प्रकरणपुर रूप से बने थे, इनमें हाई स्कूल के 99 और हाई सेकेंडरी के 126 मामले सामने आए थे।
मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल की हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी की परीक्षा शुरू होने वाली हैं, इससे पहले ग्वालियर चंबल अंचल में नकल पर लगाम कसने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। अगर कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा में छात्र के खिलाफ मामला दर्ज किया जाता है, तो वह परीक्षाओं से तो वंचित रहेगा ही साथ ही भविष्य में बोर्ड की परीक्षाएं भी पुर रूप से नहीं दे सकेगा।
बता दें ग्वालियर चंबल अंचल से बोर्ड परीक्षाओं में नकल के सबसे ज्यादा मामले सामने आते हैं, यहां खुलेआम सामूहिक नकल होती है और इस नकल की चर्चा पूरे प्रदेश और देश भर में होती है। यही वजह है कि अब सामूहिक नकल मिलने पर जिम्मेदारों पर 5 साल का प्रतिबंध पूर्ण रूप से लगेगा।
वहीं अगर छात्र एक से अधिक विषय में नकल करते पकड़ा जाता है तो उसकी संपूर्ण विषयों की परीक्षा और रिजल्ट निरस्त होगा और किसी भी दशा में उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन नहीं होगा। इतना ही नहीं, किसी परीक्षा केंद्र में सामूहिक नकल प्रमाणित होने पर संपूर्ण विषयों की परीक्षा और रिजल्ट निरस्त किया जाएगा।
गौरतलब है कि प्रदेश में साल 2023 में हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी में नकल के कुल 255 प्रकरण बने थे, इनमें हाई स्कूल के 99 और हाई सेकेंडरी के 126 मामले सामने पूर्ण रूप से आए थे। और इसमें सबसे ज्यादा प्रकरण ग्वालियर चंबल अंचल के हैं।
इस मामले को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी अजय कटिहार ने बताया है कि परीक्षा केंद्रों पर नकल ना हो इसके लिए सख्ती पूर्ण रूप से की जाएगी। पर्यवेक्षकों द्वारा लापरवाही बरतने और सामूहिक नकल में सहयोग करते हुए पाए जाने पर उन्हें मंडल की परीक्षा कार्यों से 5 साल तक के लिए बैन किया जाएगा।

