न्यूज़लिंक हिंदी। बदायूं के उझानी कोतवाली क्षेत्र के गांव नूरगंज पूर्वी में दो सगे भाई-बहन समेत तीन मासूम बच्चों की रहस्यमय ढंग से मौत हो गई है। उनके परिवार वाले भी बेहद हैरान हैं, हालांकि उन्होंने तीनों बच्चों को डॉक्टर को दिखाया था। लेकिन उनकी बीमारी के बारे कुछ भी पता नहीं चला।
परिवार वालों का कहना है कि अमित पुत्र नन्हे, उसकी बहन बबिता और फुफेरा भाई सोनू पुत्र महेश बृहस्पतिवार को गांव के नजदीक बह रही गंगा किनारे गए थे। वहां एक चिता की राख पड़ी हुई थी। तीनों बच्चों ने वहीं से कोई चीज उठाकर खा ली थी। घर पहुंचने के बाद तीनों बच्चों की हालत तुरंत ही बिगड़ना शुरू हो गई।
तीनों बच्चे अजीब गरीब हरकत करने लगे। बच्चों की हालत देख परिवारवाले भी दंग रह गए। परिवारवालों ने अमित को स्थानीय डॉक्टर, बबिता को बरेली और सोनू को उझानी के निजी अस्पताल में तुरंत भर्ती कराया गया था। इस दौरान शुक्रवार को अमित की मौत हुई। इसके बाद बबिता और छह बजे सोनू ने भी दम तोड़ दिया।
परिवारवालों ने उनके शवों का पोस्टमार्टम नहीं कराया है। सभी के शवों को पूर्ण रूप से दफन कर दिया गया है। पुलिस को भी सूचना नहीं दी गई। तीन बच्चों की मौत से गांव में दहशत का माहौल मचा हुआ है। परिजन और ग्रामीण स्तब्ध हैं कि आखिरकार बच्चों की मौत कैसे हुई?

