ढाका विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने अब ये पुष्टि की है कि बांग्लादेश में इंकलाब मंच के 32 वर्षीय छात्र नेता शरीफ़ उस्मान हादी के शव को ढाका विश्वविद्यालय में राष्ट्रकवि काज़ी नज़रुल इस्लाम की क़ब्र के पास ही दफ़नाया जाएगा।
इसके साथ ही विश्वविद्यालय के प्रॉक्टर डॉक्टर सैफु़द्दीन अहमद ने ये भी बताया कि यह फ़ैसला शुक्रवार रात ढाका विश्वविद्यालय सिंडिकेट की एक आपातकालीन ऑनलाइन बैठक में ही लिया गया।
और फिर उन्होंने ये भी बताया कि विश्वविद्यालय अधिकारियों ने उस्मान हादी के परिवार के अनुरोध और सरकार के कैबिनेट विभाग और ढाका विश्वविद्यालय छात्र संघ के एक पत्र के मद्देनजर यह फ़ैसला लिया गया है।
और फिर प्रॉक्टर ने बताया कि नज़रुल इस्लाम को ढाका विश्वविद्यालय की केंद्रीय मस्जिद के बगल में दफ़नाया गया है।
और फिर उनके अलावा, परिसर में कई शिक्षकों और बुद्धिजीवियों की कब्रें भी मौजूद हैं।
इसके साथ ही उस्मान हादी का पार्थिव शरीर शुक्रवार शाम बांग्लादेश बिमान की फ़्लाइट से सिंगापुर से हज़रत शाह जलाल इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पहुंचा था।
और फिर सूत्रों के मुताबिक़, शरीफ़ उस्मान हादी की जनाजे़ की नमाज़ शनिवार को दोपहर 2 बजे संसद भवन के साउथ प्लाज़ा में अदा की जाएगी।
इतना ही नहीं पिछले साल शेख़ हसीना के ख़िलाफ़ छात्र आंदोलन में प्रमुख भूमिका निभाने वाले इंक़लाब मंच के हादी उस्मान को पिछले हफ़्ते गोली मार दी गई थी और फिर इस हफ़्ते गुरुवार को उनकी मौत भी हो गई।
फिर इसके बाद ढाका में बड़े पैमाने पर हिंसक विरोध प्रदर्शन भी हुए। और फिर गुरुवार को दो अख़बारों प्रथम आलो और डेली स्टार के दफ़्तरों में तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं भी हुई।