Bangladesh : आरक्षण मुद्दे पर शुरू हुए प्रदर्शन में, अब शेख हसीना के इस्तीफे पर अड़े
Bangladesh: Protest started on reservation issue, now adamant on Sheikh Hasina’s resignation
न्यूज़लिंक हिंदी। बांग्लादेश में आरक्षण मुद्दे पर शुरू हुए प्रदर्शन में रविवार को फिर से शुरू हुए हिंसा में अब तक लगभग 100 लोगों की मौत हो चुकी है, मरने वालों में 13 पुलिसकर्मी भी शामिल हैं।
प्रदर्शनकारियों ने कई जिलों में सत्तारूढ़ अवामी लीग के कार्यालयों को आग लगा दी और वाहनों में भी आगजनी की है। सुरक्षाबलों की ओर से आंदोलनकारियों को हिंसा से रोकने के लिए कदम नहीं उठाने की वजह से देश में भारी अराजकता बनी हुई है। इंडिया टुडे ने सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि बांग्लादेश में पीएम शेख हसीना सरकार खतरे में है और देश में सेना के सत्ता संभालने की अटकलें लगने लगी हैं।
अगर प्रधानमंत्री शेख हसीना प्रदर्शनकारियों की इस्तीफे की मांग को स्वीकार करती हैं तो देश में अंतरिम सैन्य सरकार बनेगी। फिलहाल माहौल हसीना की अवामी लीग सरकार के खिलाफ दिख रहा है और उन पर पद छोड़ने का दबाव बढ़ रहा है। सत्तारूढ़ अवामी लीग के नेता भी हिंसक विरोध प्रदर्शन का निशाना बराबर बन रहे हैं।
मिली जानकारी के अनुसार नरसिंगडी शहर में अवामी लीग के छह नेताओं को भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला। सड़कों पर उतरे लोगों का आह्वान है कि हसीना को पीएम पद से हटना चाहिए। रविवार को प्रदर्शनकारी जब बंगबंधु शेख मुजीब मेडिकल यूनिवर्सिटी में पहुंचे और आगजनी करने लगे तो पुलिस और सुरक्षा बल मौके पर नहीं पहुंचे।
अब यह भी मुख्य दावा किया जा रहा है कि सेना की ओर से प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी नहीं की गई क्योंकि उनके परिवार के सदस्य भी विरोधन में शामिल हैं। बांग्लादेश की सेना ने एक बयान में स्पष्ट रूप से यह नहीं बताया कि वे प्रदर्शनकारियों का समर्थन करते हैं या नहीं लेकिन उन्होंने कहा कि वे लोगों के साथ वह खड़े हैं। सेना प्रमुख वेकर-उज्जमान ने कहा कि बांग्लादेश सेना लोगों के विश्वास का प्रतीक है और हमेशा लोगों के साथ लगातार खड़ी रही है।

