बार एसोसिएशन चुनाव के लिए दूसरे व अंतिम दिन 21 सदस्यीय कार्यकारिणी के लिए 51 नामांकन भी हुए। और फिर गुरुवार को 45 नामांकन हुए थे।
फिर दोनों दिन मिलाकर कुल 96 नामांकन पत्र दाखिल हुए हैं। फिर इस दाैरान शुक्रवार को दिनभर कचहरी में प्रत्याशियों के जुलूस निकलते रहे।
और फिर कचहरी की गलियां चुनाव प्रचार की पर्चियों से पटी रहीं। शनिवार व रविवार को कचहरी में छुट्टी के कारण अब सोमवार को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी।
इसके साथ ही बार एसोसिएशन के राम अवतार महाना हॉल में एल्डर्स कमेटी की देखरेख में सुबह 11 बजे से नामांकन प्रक्रिया शुरू हुई।
अध्यक्ष पद के लिए रवींद्र शर्मा, दिनेश कुमार शुक्ला, सर्वेश कुशवाहा, योगेंद्र कुमार अवस्थी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद के लिए सुशील कुमार वर्मा, आनंद सेठी, सुधा शर्मा, योगराज केशकर, कनिष्ठ उपाध्यक्ष पद के लिए प्रभात कुमार सोनकर, मो. तौहीद, महामंत्री पद के लिए रामजी दुबे, संगीता द्विवेदी, देवेंद्र कुमार मिश्रा।
सत्येंद्र सिंह गौतम, चंद्रशेखर तिवारी, संजीव कुमार यादव, मंत्री पद के लिए अजय प्रताप सिंह, विनय तिवारी, महेश अवस्थी, निधि गुप्ता, धनंजय दीक्षित, कोषाध्यक्ष पद के लिए श्याम कुमार दीक्षित, वेद प्रकाश पांडे।
संयुक्त मंत्री प्रशासन पद पर धर्मेंद्र कुमार गुप्ता, प्रकाशन पद पर शिवकुमार तिवारी, आत्मप्रकाश, अमित कुमार निषाद, सिद्धार्थ वर्मा, काव्यकांत मिश्रा।
पुस्तकालय पद पर गायत्री मिश्रा, शकीला अली, अनिल बाबू चौधरी के अलावा वरिष्ठ कार्यकारिणी सदस्य के लिए 11 व कनिष्ठ कार्यकारिणी सदस्य के लिए 22 नामांकन पत्र भी दाखिल हुए।
इतना ही नहीं कचहरी के अंदर ही नहीं आसपास की सड़कें भी चुनाव प्रचार सामग्रियों से पटी पड़ी हैं।
एल्डर्स कमेटी के चेयरमैन उमाशंकर गुप्ता ने प्रत्याशियों को चेतावनी दी है कि जिनके होर्डिंग, बैनर व पोस्टर बार एसोसिएशन परिसर, कोर्ट परिसर या उसके बाहर लगे हैं।
और फिर उन्हें तत्काल हटा लें वरना 15 जनवरी को जारी होने वाली प्रत्याशियों की अंतिम सूची से प्रत्याशी का नाम हटाया भी जा सकता है।
इसके अलावा नामांकन जुलूस को प्रत्याशियों ने तरह-तरह के हथकंडे अपनाए। मंत्री पद के प्रत्याशी महेश अवस्थी ने अपने नाम के अनुरूप भोलेनाथ के स्वरूप को प्रदर्शित करने वाले कलाकार को नामांकन जुलूस में साथ भी रखा गया।
मतदाता जहां भोलेनाथ का आशीर्वाद ले रहे थे वहीं उनके साथ चल रहा प्रत्याशी विजयश्री के लिए मतदाता का आशीर्वाद भी मांग रहा था।