न्यूज़लिंक हिंदी , चिकित्सकों के मुताबिक बदलते मौसम के कारण बीते दिनों में वायरल बीमारियां तेजी से बढ़ी हैं। बुजुर्ग व बच्चे जल्दी ही वायरस की चपेट में आ जाते हैं, क्योंकि इनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। बच्चों में निमोनिया का खतरा बढ़ता है। बदलते मौसम में वायरस बीमारियों फैल रही है। ऐसे में सेहत के प्रति जरा सी बेपरवाही आपको बीमार बना सकती है। बरेली के जिला अस्पताल पहुंच रहे मरीजों में से 30 फीसदी वायरल बीमारियों की चपेट में हैं। इनमें बच्चे और बुजुर्गों की तादाद ज्यादा है।वरिष्ठ चेस्ट फिजिशियन डॉ. अजय मोहन के मुताबिक बीते 10 दिनों से तापमान में उतार-चढ़ाव का सिलसिला जारी है। दिन में धूप और सुबह-शाम हल्की ठंड हो रही है। न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे दर्ज हो रहा है। लिहाजा, सर्द-गर्म होने से लोग वायरल बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। अधिकतम व न्यूनतम तापमान के बीच अंतर अगर दस डिग्री सेल्सियस से ज्यादा का होता है तो सर्द-गर्म की आशंका रहती है।वर्तमान में यह अंतर 14 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा का है। यही वजह है कि वायरल बीमारियां तेजी से बढ़ी हैं।बुजुर्ग व बच्चे जल्दी ही वायरस की चपेट में आ जाते हैं, क्योंकि इनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। बच्चों में निमोनिया का खतरा बढ़ता है। ऐसे में सुबह-शाम घर में ही रहना बेहतर है।
सांस के मरीज बढ़े
ओपीडी में सांस संबंधी बीमारियों समेत एलर्जी के मरीज बढ़े हैं। इसके अलावा ब्रोंकाइटिस, अस्थमा, सांस फूलने की समस्या भी बढ़ रही है। डॉक्टरों ने आने वाले दिनों में ठंड बढ़ने पर हाइपोथर्मिया, टॉन्सिलाइटिस, बेल्स पाल्सी (फेसियल पैरालिसिस) के केस बढ़ने की बात कही है।सर्दियों की दस्तक से त्वचा रोगियों की समस्या भी बढ़ती जा रही है। डॉक्टरों के मुताबिक रूखी त्वचा से खुजली, हाथ-पांव के फटने की समस्याएं बढ़ने लगी हैं। साथ ही, जोड़ों में दर्द के मामले भी बढ़े हैं।
इस तरह करें उपाय
– सुबह गुनगुनी धूप लें, दोपहर में सीधी धूप से बचें।
– फुल आस्तीन के कपड़े पहनें। कान, सिर व पैर ढंकें।
– शीतल पदार्थों का सेवन न करें, तेल से शरीर की मालिश करें।
– घास या फर्श पर नंगे पैर टहलने से बचें।
– भोर के बजाय कुछ देर ठहरकर सुबह की सैर करें।
– ताजे पानी से नहाएं। ज्यादा गर्म व ठंडे पानी से बचें।
– गर्म तासीर के खाद्य पदार्थों सेवन करें, खट्टी चीजों से बचें।

