Bareilly News : मौलाना तौकीर का काम,समाज को बांटने वाला,महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरि ने कहा- धर्मगुरु होने के नाते नहीं करनी चाहिए माहौल खराब करने की कोशिश

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न्यूजलिंक हिंदी। मौलाना तौकीर रजा ने धर्म परिवर्तन कराकर पांच हिन्दू कन्याओं का निकाह कराने का बयान देकर समाज को बांटने की कोशिश की है। उन्हें समझना चाहिए कि वह भी एक धर्मगुरु हैं और धर्मगुरु को ऐसा काम नहीं करना चाहिए कि माहौल खराब हो।

मौलाना को रहना भारत में ही है। अगर वह पाकिस्तान भी चले जाएंगे तो वहां भी लोग इसे स्वीकार नहीं करेंगे। महामंडलेश्वर आचार्य कैलाशानंद गिरी ने बुधवार को गांधीनगर के एक मंदिर में बुधवार रात पत्रकारों से यह बात कही।

मुकेश अंबानी के बेटे के विवाह समारोह के बाद बरेली आए आचार्य ने मौलाना तौकीर को नसीहत देते हुए कहा कि वह सनातन के प्रचारक नहीं बन सकते, लेकिन तो विरोधी भी न बनें। मौलाना ऐसा क्यों करते हैं कि उन्हें देश में रहने का भी संकट पैदा हो। कभी ऐसा बयान साधु-संतों, धर्मगुरु और समाजसेवियों को नहीं देना चाहिए कि माहौल खराब हो।

उन्हें एक अधिकारी ने बताया है कि मौलाना ने लिखित में दिया है कि वह बयान वापस लेते हैं। मौलाना ऐसा बयान क्यों देते हैं जो वापस लेना पड़े। कोई स्वेच्छा से धर्म परिवर्तन करता है तो किसी को कोई आपत्ति नहीं होती। एक फिल्म अभिनेता की बेटी ने दूसरे धर्म में विवाह कर लिया। किसी को कोई आपत्ति नहीं हुई।

काशी में अब रांड़-सांड़, सीढ़ी-संन्यासी नहीं
महामंडलेश्वर ने काशी का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले काशी में साधुओं के बड़े-बड़े भंडारे होते थे, अब वहां साधु नहीं दिखाई पड़ते। कहावत होती थी कि रांड़-सांड़ और सीढ़ी-संन्यासी काशी में ही होते हैं, लेकिन आज वहां उनमें से एक भी नहीं है। काशी के मठों में विधवाएं रह रही हैं लेकिन लोगों की नजर मठों पर भी टिक गई है। यह ठीक नहीं है।

मठों पर भी लग गई हैं लोगों की निगाहें
बोले, अयोध्या और बद्रीनाथ में प्रत्याशी ठीक न होने के कारण भाजपा वहां हारी। जो प्रत्याशी थे, वे अहंकार से भरे थे। उनमें जनता की सेवा का भाव लुप्त हो गया था। इसलिए जनता ने उन्हें नकार दिया।

धर्म की रक्षा करने वाला ही होता है धर्म से रक्षित
आचार्य कैलाशानंद गिरी ने कहा कि सनातन बचेगा तो हमारे तिलक, चोटी और बेटी बचेंगे। सनातन को बचाने वाला हिंदू है। हिंदू न भटके। धर्म और रक्षा करने वाला धर्म से रक्षित होता है। श्री कृष्ण ने गीता में कहा है कि अपने धर्म में रहते हुए यदि पतन भी होता है तब भी वह श्रेयस्कर है।

दूसरे धर्म में जाने के बाद यश मिलने भी भयभीत रहना पड़ता है। अनादिकाल से चला आ रहा धर्म सनातन ही है। इसलिए इसकी रक्षा प्रत्येक हिंदू का कर्तव्य है। पत्रकार वार्ता में भाजपा के साथ सपा के भी कई नेता मौजूद रहे।

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