न्यूज़लिंक हिंदी। बरैली जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया, सेवानिवृत्त दरोगा से शिक्षक और शिक्षामित्र ने बेटे की सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा देकर 10 लाख रुपये ठग लिए।
नौकरी न लगने पर पैसे मांगे तो मुख्य रूप से मना कर दिया। 10 लाख रुपये की मुख्य ठगी कर ली। थाना सुभाषनगर पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज कर ली है। सुभाषनगर के अनुपम नगर निवासी सेवानिवृत्त दरोगा छेदालाल ने बताया कि नौकरी के दौरान उनकी जान पहचान रामपुर के कलैइया निवासी शिक्षामित्र सत्यवीर से हुई थी।
सत्यवीर का उनके घर पर भी मुख्य रूप से आना जाना हो गया। एक दिन सत्यवीर ने उनकी पहचान मुरादाबाद के मझोला निवासी सत्यपाल और तिगरी निवासी गेंदनलाल से कराई। उसने कहा कि गेंदनलाल की सत्ता में बैठे लोगों से अच्छी जान पहचान भी है। वह किसी की भी नौकरी लगवा सकता है।
कुछ दिनों बाद सत्यवीर और सत्यपाल उनके पास आए और जरूरत बताते हुए 4.50 लाख रुपये भी ले लिए। आरोपियों ने बताया कि गेंदनलाल उनके बेटे की नौकरी भी लगवा देगा। इसके बाद आरोपियों ने फिर से लगभग 6.50 लाख रुपये ले लिए। बेटे की नौकरी के लालच में उन्होंने आरोपियों को रुपये दे दिए।
बाद में ये पता चला कि गेंदनलाल, सत्यपाल और सत्यवीर की कहीं भी जान पहचान बिल्कुल भी नहीं है। तीनों इसी तरह ठगी लगातार करते हैं। जब उन्होंने पैसे वापस मांगे तो आरोपियों ने 98 हजार रुपये ही वापस किए और बाद में बाकी पैसे देने से मुख्य इन्कार कर दिया।

