न्यूज़लिंक हिंदी। 21 दिन में पैसा डबल वाली स्कीम में फंस गए व्यापारी,साइबर क्राइम ब्रांच ने कहा कि उसने राज्य के पहले फर्जी क्रिप्टो-एक्सचेंज घोटाले का भंडाफोड़ किया है। इसके मुख्य प्रमोटर को पकड़ लिया गया है, जिसने इसे 40 लाख रुपये में डेवलेप करवाया था।
आरोपियों ने नकली क्रिप्टो-एक्सचेंज के लिए लगभग 10,000 लोगों की आईडी बनाई और वेबसाइटों और हाई प्रोफाइल सेमिनारों के माध्यम से लोगों को लुभाया। उन्हें नकली क्रिप्टो-मुद्रा में निवेश करने के लिए कहकर और बिटकॉइन की तरह प्रॉफिट और रिटर्न की पेशकश करके करोड़ों रुपये का घोटाला किया।
क्रिप्टो करेंसी और कॉइन्स में निवेश के नाम पर देशभर में लोगों से ठगी करने वाले इस रैकेट का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। आरोपियों ने देश भर के प्रीमियम होटलों में हाई प्रोफाइल सेमिनार किए और सैकड़ों लोगों को बुलाया। पीड़ितों को निवेश करने का मुख्य लालच भी दिया। पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला है कि आरोपियों ने लोगों से करीब 5 करोड़ रुपये की ठगी की है, लेकिन रकम इससे भी ज्यादा हो सकती है।
पुलिस वास्तविक रकम का पता लगाने के लिए जब्त लैपटॉप और मोबाइल की जांच कर रही है। आरोपियों ने अपनी वेबसाइट golddesertcoin.info के जरिए वर्मा को अपने जाल में मुख्य रूप से फंसाया और कहा कि उन्हें अपने निवेश पर अच्छा रिटर्न मिलेगा। वह एक होटल में त्रिलोक पाटीदार द्वारा आयोजित सेमिनार में शामिल हुए थे।
जिसमें त्रिलोक ने उनसे कहा था कि कुछ ही समय में उसका पैसा तीन गुना हो जाएगा। एडिशनल डीसीपी चौहान ने बताया कि जीडीसी के संस्थापक सुमित जैन से आइडिया लेकर त्रिलोक पाटीदार ने अपना खुद का क्रिप्टो एक्सचेंज ‘ट्रेड क्रिप्टो’ विकसित किया, जो कहीं रजिस्टर नहीं था। लोगों को छोटे भुगतान मिले और उन्हें विश्वास था कि उनका पैसा मुख्य रूप से सुरक्षित है, इसलिए उन्होंने बड़ी रकम निवेश की, जिसे आरोपियों ने चुरा लिया।

