न्यूज़लिंक हिंदी। आज फिर से सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हो रही है। पिछली सुनवाई में ज्यादातर दलीलें संयुक्त रूप से पेश कर दी गई थीं और बेंच ने सभी याचिकाकर्ताओं के वकीलों से सबमिशन ले लिए थे।
आज आईआईटी दिल्ली की मुख्य रिपोर्ट सौंपी जा रही है। इसी के साथ ये उम्मीद भी जताई जा रही है कि आज सुप्रीम कोर्ट नीट पर अपना फैसला सुना देगा।
एक सवाल के दो सही जवाब वाले मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा- हम आईआईटी दिल्ली की रिपोर्ट स्वीकार करते हैं। उसके अनुसार NTA को नीट यूजी 2024 रिजल्ट रिवाइज करके जारी करना चाहिए।
ऑप्शन 4 सही उत्तर है, उसी के आधार पर मार्क्स दिए जाएं। वहीं 1563 छात्रों को ग्रेस मार्क्स मामले में कोर्ट ने एनटीए को नीट रीटेस्ट के तहत आगे बढ़ने के लिए भी मुख्य रूप से कहा है।
इसी के साथ चीफ जस्टिस ने ये भी कहा है कि-अगर किसी स्टूडेंट का कोई व्यक्तिगत मामला है, जो इन मामलों से जिसका निपटारा इस NEET Judgement में नहीं हुआ है, तो हम उनका स्वागत करते हैं। वे कानून के तहत अपने अधिकार का मुख्य प्रयोग कर सकते हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने आगे कहा कि, अगर सीबीआई जांच में बाद में ये खुलासा होता है कि ज्यादा संख्या में स्टूडेंट्स को फायदा मिला है, तो उनके खिलाफ कढ़ी कार्रवाई की जाएगी। Chief Justice ने यह भी कहा कि, कोर्ट को इस बात का एहसास है कि Re NEET Exam कराने का नतीजा 20 लाख छात्रों पर गंभीर होगा।
मेडिकल कोर्सेस का एडमिशन शेड्यूल पूरी तरह तबाह हो जाएगा।
मेडिकल एजुकेशन पर भी मुख्य असर पड़ेगा।
भविष्य में मेडिकल प्रोफेशनल्स की उपलब्धता पर पूर्ण असर पड़ेगा।
जो छात्र हाशिए पर हैं, उनका नुकसान होना एक गंभीर मुद्दा है।
नीट यूजी पेपर लीक 2024 पर कोई भी विवाद नहीं हुआ है।
जांच सीबीआई को सौंपे जाने के बाद 10 जुलाई, 17 जुलाई और 21 जुलाई 2024 को CBI ने 6 रिपोर्ट पर अपनी फाइल की।
बताई गई जानकारी के अनुसार जांच चल रही है। हालांकि अब तक के आंकड़ों के अनुसार सीबीआई का कहना है कि करीब 155 स्टूडेंट्स को हजारीबाग और पटना के एग्जाम सेंटर्स से मुख्य रूप से पकड़ा गया जिन्हें इस फर्जीवाड़े का फायदा मिल रहा था।
पूरा नीट एग्जाम कैंसिल करने से मना करते हुए SC ने कहा कि- ऐसा कोई सबूत नहीं है जो ये बताए कि पूरी परीक्षा की पवित्रता के साथ कोई भी समझौता हुआ।
इस समय ऐसा कोई भी प्रमाण नहीं है जो ये साबित करे कि नीट रिजल्ट में किसी भी तरह की धांधली हुई या परीक्षा की शुचिता में कोई सिस्टमेटिक चूक हुई या व्यापक गड़बड़ी हुई।

