न्यूजलिंक हिंदी, लखनऊ। अलकायदा का इंडियन सबकांटिनेंट (AQIS) और जमात उल मुजाहिदीन बांग्लादेश (JMB) के आतंकी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में बड़ी आतंकी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे। उनके 100 से ज्यादा स्लीपर सेल तीनों राज्यों में ठिकाने बनाकर स्थानीय युवाओं को आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के लिए ब्रेनवॉश कर रहे थे। इसका खुलासा जेएमबी आतंकी मुफक्किर उर्फ हमीदुल्लाह से लखनऊ एटीएस की पूछताछ में हुआ है।
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जमात उल मुजाहिदीन बांग्लादेश (JMB) के आतंकी हमीदुल्ला को सात दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड पर दिये जाने का आदेश कोलकाता की विशेष न्यायाधीश दिनेश मिश्रा ने दिया था। जिसके बाद एटीएस उसे 14 अक्तूबर को कोलकाता जेल से हिरासत में लखनऊ लाकर पूछताछ कर रही है। उसके खिलाफ मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल और यूपी में मुकदमे भी दर्ज हैं। आतंकी हमीदुल्ला ने उत्तर प्रदेश एटीएस को पूछताछ में कई बड़े खुलासे कर रहा है।
इस साल जनवरी में यूपी एटीएस ने लखनऊ से जेएमबी के एक आतंकी अजहरुद्दीन को गिरफ्तार किया था। अजहरुद्दीन बांग्लादेशी आतंकी मुदस्सिर, अबु तलहा और एहसान से जुड़ा था। वह जेएमबी के मंसूबों को पूरा करने के लिए जिहादी साहित्य और भड़काऊ वीडियो के जरिए युवाओं का ब्रेनवॉश कर रहा था। इसके लिए सहारनपुर के देवबंद में ठिकाना बनाकर स्थानीय युवाओं को जिहाद करने और देश में शरिया कानून लागू करने के लिए भड़का रहा था।
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ये सभी आतंकी बांग्लादेश की सीमा से घुसपैठ करके भारत में आए थे। इस जांच के दौरान सामने आया कि हमीदुल्ला ने सहारनपुर में एक महिला से शादी भी की थी। जेएमबी के सौ से ज्यादा स्लीपर सेल के सहारनपुर और उत्तराखंड में सक्रिय होने की बात भी सामने आई हैं। जिनका मकसद युवाओं को बरगलाने के अलावा गोला-बारूद जुटाना था। यूपी एटीएस बीते कुछ महीनों में इस नेटवर्क से जुड़े करीब दो दर्जन से ज्यादा आतंकियों को दबोच चुकी है।
एनआईए ने भी इस संगठन के कई सदस्यों को मध्य प्रदेश में आतंकी हमले की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया था। जब से एटीएस की जांच में ये सामने आया है कि हमीदुल्लाह साथियों के साथ मिलकर बड़े आतंकी हमले को अंजाम देने वाला था। इसका खुलासा होने के बाद जांच एजेंसियां सतर्क हो गई और पूरे नेटवर्क को दबोचने के प्रयास में जुट गई हैं। इसको लेकर बड़े स्तर पर छापेमारी भी जारी है।

