ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में तेजस्वी यादव, राहुल गांधी के साथ मिलकर चुनाव लड़ना चाह रही है।
और फिर बीते दिनों AIMIM के बिहार प्रमुख अख्तरूल इमाम ने RJD सुप्रीमो लालू यादव के घर पर ढोल बजाकर भी अपील की थी।
लेकिन तेजस्वी यादव हैदराबाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी को एक भी सीट नहीं देना चाहते हैं।
और फिर बीते दिनों में हुई खास बातचीत में जब असदुद्दीन ओवैसी से यह सवाल किया गया कि आप बिहार में अकेले लड़ रहे हैं या फिर कोई बातचीत हुई है? तो उन्होंने कहा कि चुनाव लड़ रहे हैं, अच्छी तरह से लड़ेंगे।
और फिर असदुद्दीन ओवैसी ने आगे कहा कि हमारे बिहार प्रमुख अख्तरूल इमाम साहब ने लालू प्रसाद यादव को दो लेटर भी लिखे।
और फिर अब एक आखिरी लेटर तेजस्वी यादव को लिखा है। और उसमें उन्होंने लिखा है कि भाई, हम 6 सीट लेने को तैयार हैं। और अगर आप पावर में आते हैं तो हमें मंत्री मत दीजिए।
साथ ही ओवैसी के साथ हुई खास बातचीत में यह भी बताया कि हमने सिर्फ सीमांचल डेवलपमेंट बोर्ड बनाने की शर्त रखी है। और अब इस से बढ़कर असरारूल इमाम और AIMIM क्या करेगी? हमने लालू यादव के घर ढोल बजाकर भी अपील की। और अब हम क्या करें?
इसके अलावा AIMIM प्रमुख ओवैसी भले ही 6 सीटों की बात कह रहे हैं मगर वे शायद इससे कम पर भी तैयार हो सकते हैं।
और उन्हें इंतजार है RJD का खासकर लालू यादव के निर्णय का मगर जहां तक तेजस्वी यादव का सवाल है वो अभी तक AIMIM से कोई समझौता के मूड में नहीं दिख रहे हैं।
और फिर RJD का तर्क साफ है कि बिहार के मुसलमानों का प्रतिनिधित्व वो करते हैं तो ओवैसी के लिए सीटें क्यों छोड़ी जाए?
और फिर जहां तक पिछली बार AIMIM के सीमांचल में प्रदर्शन और 5 सीटें जीतने की बात है RJD का कहना है कि वो सभी उन्हीं के पार्टी के लोग थे, जिन्हें RJD टिकट नहीं दे पाई थी जिसकी वजह से वो बागी हो गए और ओवैसी के खेमे में भी चले गए।
और फिर अब RJD का यह भी कहना है कि वो सभी विधायक RJD से लंबे समय तक जुड़े हुए थे इसलिए वापस RJD में लौट भी आए। और फिर यहां तक बात सही है मगर यह भी सच है कि बिहार का मुसलमान अलग-अलग क्षेत्र में अपनी संख्या को देखकर ही वोट करता है।