न्यूज़लिंक हिंदी। बिहार में एक मजदूर के घर आए बिजली बिल को देखकर उसके होश उड़ गए, वो काफी परेशान हो गया कि आखिर इतनी भारी रकम बिल के रूप में उसे कैसे आई, जबकि उसके घर बिजली की खपत इतनी है ही नहीं, उपभोक्ता जब बिजली विभाग पहुंचा तो विभाग के अधिकारियों ने इसका ठीकरा स्मार्ट मीटर एजेंसी पर फोड़ा।
बिहार के मुजफ्फरपुर में बिजली विभाग ने एक मजदूर को एक करोड़ 29 लाख का बिल थमाया गया है, उपभोक्ता मुशहरी के मणिका उर्फ विशुनपुर चांद के रहने वाले जमीर अंसारी हैं, जो मजदूरी करके अपना घर चलाते हैं। जमीर ने इसकी शिकायत उपभोक्ता मंच के अध्यक्ष अजय कुमार पांडेय से की।
जब उन्होंने इसकी जानकारी पूर्वी डिवीजन के कार्यपालक अभियंता श्रवण कुमार ठाकुर को दी, तो जांच के बाद बिल गलत पाया गया। एक घंटे में करोड़ का बिल हजार पर पहुंचा,मामला सामने आने के बाद बिजली बिल की जांच का आदेश कार्यपालक अभियंता श्रवण कुमार ने सहायक विद्युत अभियंता और जेई को दिया, जांच में गड़बड़ी सामने आई।
बताया जाता है कि करीब एक घंटे बाद ही बिल में सुधार कर दिया गया, जिसके बाद 1 करोड़ 29 लाख 846 का बिल सीधे 33 हजार 378 रुपये पहुंच गया।
उपभोक्ता ने बताया कि 2022 के दिसंबर फरवरी 2023 तक 42 यूनिट खपत हुई, इसके बाद मार्च से लेकर जून तक 331 यूनिट खपत की जानकारी देते हुए औसत पर बिल बनाया गया।
जुलाई में 327 यूनिट, अगस्त में 64, सितंबर में 67 यूनिट बिजली खपत बतायी गई है,बीते साल दिसंबर में सामान्य मीटर हटाकर स्मार्ट मीटर लगाया गया। सामान्य मीटर में जो यूनिट खपत हुई थी, उसे स्मार्ट मीटर में दर्ज किया गया। नया मीटर लगा तो स्मार्ट मीटर में दिसंबर महीने में 36,45,488 यूनिट बिजली खपत बतायी गई। इसको लेकर एक करोड़ 29 लाख 846 का बिल हमे भेज दिया गया। जबकि हमारे घर पर एक बल्ब ही जलता है। गर्मी के दिनों में बस पंखे का उपयोग होता है।
पूर्वी डिवीजन के कार्यपालक अभियंता श्रवण कुमार ठाकुर ने बताया कि मामला संज्ञान में आने पर बिल को सुधार दिया गया है। उपभोक्ता को पिछला बकाया सहित 33,378 रुपये का बिल चुकता करना है। पूरे मामले की जांच करायी जाएगी। स्मार्ट मीटर लगाने वाली एजेंसी को शो कॉज किया गया है।

