Bihar News: पहले बेटे ने पत्नी के साथ मिल कर पिता को ही मौत के घाट उतार,जबकि दूसरे कांड में बेटे ने अपनी मां को मार डाला

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न्यूज़लिंक हिंदी। बिहार का मुजफ्फरपुर एक साथ दो कांडों को अंजाम दिया गया। कलयुगी दौर में ये भी होना था,मुजफ्फरपुर जिले के मुशहरी प्रखंड के दो अलग-अलग गांवों में पिता-पुत्र और मां-बेटे जैसे पवित्र रिश्तों को कलंकित करने वाली दो वारदातों को अंजाम दिया गया।

पहली वारदात मुशहरी थाना क्षेत्र के गंगापुर मांझी टोला में हुई जहां कलयुगी नशेड़ी बेटे ने पिता की हत्या अपने ही हाथों से कर दी। वहीं दूसरी वारदात को मनिका हरिकेश के भुस्सा चौक पर अंजाम दिया गया। यहां नशेड़ी बेटे ने ईंट से कुचल कर अपनी मां को ही मार डाला।

मुशहरी थानाध्यक्ष रंजीत कुमार गुप्ता ने बताया कि मणिका हरिकेश पंचायत के मणिका हरिकेश में भूस्सा चौक निवासी बिरजू भगत की हत्या उसके पुत्र ने पत्नी और अन्य के साथ मिलकर पैसों के लिए ही कर दी। वारदात के बाद उसका पुत्र इंद्रेश कुमार घर से फरार है। वहीं उसकी पत्नी को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है।

स्थानीय लोगों ने पुलिस को बताया कि घटना के दौरान बिरजू के घर में उसका बेटे और बहू के अलावा कुछ बाहरी युवक भी थे। सभी ने घर में खाया-पीया। इसके बाद बिरजू के सोने का इंतजार किया गया। जब वो गहरी नींद में सो गया तो उसकी गला दबाकर हत्या कर दी गई। इस कांड में पुलिस ने इंद्रेश की पत्नी को हिरासत में मुख्य रूप से ले लिया है।

ग्रामीणों ने बताया कि बिरजू की पत्नी की मृत्यु हो चुकी है। इंद्रेश बराबर नशा कर पिता की पिटाई करता था और पैसा लेता था। एक साल पहले ही उसकी शादी हुई थी। बिरजू का शव गांव आने पर उसके रिश्तेदार जनक भगत के पुत्र रोहन ने मणिका मन स्थित श्मशान घाट पर उसे मुखाग्नि दी।

वहीं दूसरी तरफ गंगापुर गांव में शांति देवी नाम की एक महिला की हत्या कर दी गई। पुलिस ने घटनास्थल से उसके पुत्र मनोज मांझी को हिरासत में ले लिया और उससे मुख्य रूप से पूछताछ कर रही है। थानाध्यक्ष रंजीत कुमार गुप्ता ने बताया कि प्रह्लादपुर पंचायत के गंगापुर गांव के मांझी टोला के ग्रामीणों ने पुलिस को जानकारी दी कि देर रात शांति देवी का बेटामनोज मांझी मजदूरी कर लौटा।

पैसे को लेकर उसका अपने भाई से मुख्य झगड़ा हुआ। मनोज नशे में धुत था। इसके बाद उसने ईंट से कुचलकर अपनी मां की ही हत्या कर दी। कोई बीच-बचाव करने भी नहीं आया, क्योंकि वह बराबर नशा कर घर आता और उससे लगातार मारपीट करता था। घटना के बाद उसका भाई घर छोड़कर फरार है।

पोस्टमार्टम के बाद शांति देवी का शव गंगापुर आने पर गांव के मांझी समुदाय के लोगों ने प्रखंड मुख्यालय स्थित श्मशान घाट पर दाह संस्कार पूर्ण रूप से कर दिया। थानेदार ने बताया कि हिरासत में लिए गए मृतका के बेटे से पूछताछ मुख्य रूप से की जा रही है। इसे आधार पर आगे कि कार्रवाई भी की जाएगी।

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