न्यूज़लिंक हिंदी। लैंड फॉर जॉब केस में लालू परिवार को राहत मिली है। पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, उनकी बेटी और राज्यसभा सांसद मीसा भारती और उनकी बहन हेमा यादव को राहत मिली है। कोर्ट ने लैंड फॉर जॉब केस में अंतरिम जमानत दी है। हृदयानंद चौधरी को कोर्ट ने अंतरिम जमानत दी है। इन सभी पर बिहार में जमीन के बदले नौकरी देने के आरोप हैं।
आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद के रेल मंत्री कार्यकाल में जमीन के बदले नौकरी प्रकरण में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट शुक्रवार को प्रवर्तन निदेशालय की चार्जशीट पर सुनवाई हुई।
कोर्ट ने सुनवाई के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, उनके पुत्र और पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के साथ लालू प्रसाद की बड़ी बेटी डॉ. मीसा भारती को कोर्ट में रहने का निर्देश दिया है। लालू प्रसाद अस्वस्थ हैं इस वजह से वह सुनवाई में शामिल नहीं हो सकेंगे। वह फिलहाल पटना में ही हैं। कोर्ट में शुक्रवार नौ फरवरी को होने वाली सुनवाई को देखते हुए राबड़ी देवी और मीसा भारती बुधवार को दिल्ली पहुंच गईं थीं। तेजस्वी यादव पहले से ही दिल्ली में हैं।
ईडी ने किया था बड़ा दावा
उधर, ईडी ने बिहार में जमीन के बदले नौकरी मामले में बड़ा दावा किया था। ईडी के अनुसार राजद प्रमुख लालू प्रसाद की पत्नी और बिहार की पूर्व मुख्ययमंत्री राबड़ी देवी की गौशाला के एक पूर्व कर्मचारी ने रेलव में नौकरी पाने के इच्छुक व्यक्ति से संपत्ति हासिल की और बाद में उसे लालू-राबड़ी दंपती की पुत्री हेमा यादव को सौंप दी। केंद्रीय एजेंसी ने इस महीने की शुरुआत में दिल्ली की एक अदालत में आरोप-पत्र दायर किया था, जिसमें कुछ बाहरी लोगों के अलावा लालू प्रसाद के परिवार के सदस्यों राबड़ी देवी, मीसा भारती हेमा यादव को आरोप बनाया गया है।
क्या है मामला?
केंद्रीय एजेंसी ने इस महीने की शुरुआत में दिल्ली की एक कोर्ट के सामने एक आरोप-पत्र दायर किया था, जिसमें कुछ अन्य लोगों के अलावा लालू प्रसाद के परिवार के सदस्यों राबड़ी देवी और उनकी बेटियों मीसा भारती और हेमा यादव को आरोपी बनाया गया था।
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद की पत्नी राबड़ी देवी की ‘गौशाला’ के एक पूर्व कर्मचारी ने रेलवे में नौकरी के इच्छुक एक व्यक्ति से संपत्ति हासिल की और बाद में इसे बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री की बेटी हेमा यादव को हस्तांतरित कर दिया।
कात्याल को ईडी ने पिछले साल नवंबर में धनशोधन में लालू प्रसाद और उनके परिवार की जानबूझकर सहायता करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। वह फिलहाल न्यायिक हिरासत के तहत जेल में बंद है। सोमवार को ईडी ने मामले की जांच के तहत अपने पटना कार्यालय में 75 वर्षीय लालू प्रसाद से पूछताछ की और उनका बयान दर्ज किया। उनके बेटे और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को मामले में पूछताछ के लिए मंगलवार को पटना बुलाया गया है।

