चुनाव आयुक्त की चयन प्रक्रिया से, अब सीजेआई को हटाए जाने के सवाल पर, बीजेपी नेता ने दिया यह जवाब

0
73

संसद में चुनाव सुधार के मुद्दे पर चल रही चर्चा के बीच अब लोकसभा में मंगलवार से शुरू हुई इस चर्चा में कांग्रेस नेताओं ने चुनाव आयुक्त की चयन प्रक्रिया से चीफ़ जस्टिस ऑफ़ इंडिया को हटाने का मुद्दा भी उठाया।

और फिर इस पर बुधवार को बीजेपी सांसद और पूर्व क़ानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने ये जवाब दिया।

और फिर आगे उन्होंने कहा, चुनाव आयुक्त के चयन के लिए ही क़ानून बना, उसमें प्रधानमंत्री हैं, विपक्ष के नेता भी हैं।

और फिर विपक्ष के नेता से आप चाहते क्या हैं? बिना चीफ़ जस्टिस के सपोर्ट के आप वहां बिल्कुल भी जाएंगे नहीं।

साथ ही रविशंकर प्रसाद ने कहा, हम सभी न्यायपालिका का सम्मान करते हैं। लेकिन न्यायपालिका को हर चीज़ में शामिल करना क्या सही है?

क्या ये ‘सेपरेशन ऑफ़ पावर’ के ख़िलाफ़ तो नहीं है? और फिर क्या हम अपनी कमज़ोरी को तो नहीं दिखा रहे हैं?

हम अपने से कुछ नहीं कर पाएंगे, जब तक सीजेआई नहीं आएंगे। तो फिर ये लोकतंत्र के लिए बिल्कुल भी ठीक नहीं है।

और फिर उन्होंने सवाल किया, भारत की राजनीतिक व्यवस्था देश का राष्ट्रपति चुनती है कि नहीं? उप-राष्ट्रपति को भी चुनती है कि नहीं?

आर्मी चीफ़ और नेवल चीफ़ को चुनती है कि नहीं? भारत के प्रधानमंत्री के पास न्यूक्लियर का केवल बटन ही होता है कि नहीं।

और फिर इतना ही नहीं देश की जनता प्रधानमंत्री और पॉलिटी, देश की सुरक्षा, इकोनॉमिक और पॉलिटिकल स्ट्रैटिजी में विश्वास भी करती है।

और फिर भारत की चुनी हुई सरकार इतना कर सकती है। लेकिन एक अच्छा चीफ़ इलेक्शन कमिश्नर बिल्कुल भी नहीं चुन सकती। और फिर ये कौन-सी बात कही जा रही है।

इसके अलावा चर्चा के दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी समेत कई कांग्रेस नेताओं ने चुनाव आयुक्तों के चयन प्रक्रिया से सीजेआई को बाहर करने को लेकर मुख्य सवाल भी किया है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here