बुकर प्राइज़ विजेता पर किरण देसाई को साल 2025 के बुकर प्राइज़ के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है।
और यह साहित्य के सबसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों में से एक है। और किरण देसाई को उनके उपन्यास ‘द लोनलीनेस ऑफ़ सोनिया एंड सनी’ के लिए शॉर्टलिस्ट भी किया गया है।
और उनके उपन्यास को “एक गहन और व्यापक महाकाव्य” माना गया। साथ ही उनके साथ पांच अन्य लेखक भी शॉर्टलिस्ट हुए हैं।
और फिर इनमें तीन अमेरिकी, एक ब्रिटिश और एक हंगेरियन-ब्रिटिश लेखक भी हैं। और फिर मंगलवार को 150 से ज़्यादा प्रतियोगियों में से छह को फ़ाइनलिस्ट के तौर पर ही चुना गया है। साथ ही विजेता का चुनाव नवंबर में ही होना है।
साथ ही 53 साल की किरण देसाई का जन्म दिल्ली में हुआ था। और उन्होंने 19 साल पहले 2006 में ‘द इनहेरिटेंस ऑफ़ लॉस’ के लिए बुकर प्राइज़ भी जीता था।
और फिर अगर वह इस साल फिर जीतती हैं तो बुकर प्राइज़ के 56 साल के इतिहास में वह पांचवीं लेखक भी होंगी, जिन्हें दो बार बुकर सम्मान भी मिला है।
और फिर इससे पहले इस साल लेखिका बानू मुश्ताक़ और अनुवादक दीपा भास्ती ने अपनी लघु-कथा ‘हार्ट लैंप’ के लिए इंटरनेशनल बुकर प्राइज़ भी जीता था।