न्यूज़लिंक हिंदी। भारतीय सेना ने मंगलवार को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह से सबसे खतरनाक ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज़ मिसाइल के लैंड अटैक वर्ज़न का सफ़ल परीक्षण किया है। इस मिसाइल का परीक्षण अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के एक अज्ञात द्वीप से किया गया। विस्तारित रेंज वाली ब्रह्मोस 450 किमी तक लक्ष्य को भेद सकती है। यह सफल परीक्षण सेना की ब्रह्मोस मिसाइल रेजिमेंट द्वारा पिन पॉइंट सटीकता के साथ किया गया। इसके लिए दूसरे द्वीप पर लक्ष्य निर्धारित किया गया, जिस पर मिसाइल ने सटीक वार किया। इस सफल मिसाइल परीक्षण के साथ ही भारतीय सेना के नाम एक और उपलब्धि जुड़ गई है। साथ ही भारत दुश्मनों के लिए मजबूत हो गया है।

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ज़मीन से ज़मीन पर मार करने वाली इस मिसाइल की रेंज को बढ़ाकर अब 450 किलोमीटर से ज्यादा कर दिया गया है। इस मिसाइल की लंबाई 28 फीट है। यह 3000 किलोग्राम वज़नी है। इसमें 200 किलोग्राम के पारंपरिक और परमाणु हथियार लगा सकते हैं।
भारत के लगातार सफल परीक्षण किये जाने से विरोधियों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। दुनिया की सबसे तेज ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल के भूमि हमले संस्करण का पहला परीक्षण 24 नवम्बर, 2020 को भारतीय सेना ने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह से ही किया था। ब्रह्मोस लैंड-अटैक मिसाइल को चीन के खिलाफ लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश में तैनात किया गया है। ब्रह्मोस मिसाइलों से लैस कुछ सुखोई-30 एमकेआई लड़ाकू विमान वास्तविक नियंत्रण रेखा के करीब एयरबेस में तैनात हैं। भारत और रूस के संयुक्त प्रयास से विकसित की गई ब्रह्मोस अब तक की सबसे आधुनिक प्रक्षेपास्त्र प्रणाली है, जिसने भारत को मिसाइल तकनीक में अग्रणी बना दिया है।

