अब 1 फरवरी को पेश होगा आम बजट, सरकार बजट में उनके लिए टैक्स में राहत की घोषणा पूर्ण तरह से कर सकती है।
मिली जानकारी के के मुताबिक डिमांड को सपोर्ट देने और ग्रोथ को बढ़ावा देने के लिए बजट में कई उपायों की घोषणा की जा सकती है।और इसकी वजह यह है कि सरकार धीमी पड़ती इकॉनमी को सपोर्ट करना चाहती है।
बजट में जिन उपायों पर विचार किया जा रहा है, उनमें मध्यम वर्ग के लिए कर राहत, प्रतिकूल बाहरी वातावरण से उद्योग को बचाने के लिए टैरिफ उपाय और रोजगार सृजन तथा निजी निवेश को बढ़ावा देने की पहल भी शामिल हैं।
ये भी बता दें कि पिछले सप्ताह प्रधानमंत्री कार्यालय में एक बैठक में बजट की व्यापक रूपरेखा पर चर्चा की गई। आगे ऐसी और अधिक बैठकें की जाएंगी। वित्त वर्ष 2026 का बजट 1 फरवरी को पेश किया जाएगा।
इसके अलावा महाराष्ट्र और हरियाणा में चुनावी जीत से उत्साहित नरेंद्र मोदी सरकार बजट में एक मजबूत संदेश देना चाहती है। यह संदेश है सुधारों, ईज ऑफ डूइंग बिजनस और आम लोगों का जीवन स्तर ऊंचा उठाने के लिए लगातार काम करना ही एहम लक्ष्य।
और वित्त वर्ष 2025 में भारत की आर्थिक वृद्धि दर चार साल के निचले स्तर 6.4% पर पहुंचने का अनुमान है। इससे साफ है कि सरकार को मांग और निवेश को बढ़ावा देने के उपाय करने की बहुत ही जरूरत है।
जिन टैक्स उपायों पर चर्चा की गई है, उनमें न्यू टैक्स रिजीम के तहत इंडिविजुएल के लिए राहत, कॉर्पोरेट कर को सरल बनाना और स्रोत पर कर कटौती (TDS) की आसान व्यवस्था शामिल भी कर रहे है।
सूत्रों ने कहा कि शहरी खपत में गिरावट आने के कारण नई कर व्यवस्था के तहत स्लैब को और व्यापक बनाने के लिए सत्तारूढ़ बीजेपी के भीतर से भी आवाज उठ रही है। इस बारे में अंतिम निर्णय कुछ दिनों में लिया जा सकता है।
इसके अतिरिक्त साथ ही घरेलू इंडस्ट्री को खासकर चीन से होने वाले सस्ते आयात से बचाने के लिए बेसिक कस्टम ड्यूटी में भी बदलाव किया जा सकता है।
अमेरिका में राष्ट्रपति बनने जा रहे डोनाल्ड ट्रंप ने चीनी सामान पर टैरिफ बढ़ाने की घोषणा भी की है। इससे भारत में चीन के सस्ते सामान की डंपिंग का खतरा बढ़ गया है।
मिली जानकारी के मुताबिक विदेशी निवेश व्यवस्था को आसान बनाने के उपायों पर भी चर्चा की गई है और बजट में इसकी झलक देखने को भी मिल सकती है।