अब कच्चा माल पर अधिक जीएसटी चुकाने वालों को ही सात दिन के अंदर जीएसटी रिफंड मिल जाएगा।
फिर इससे एमएसएमई का टर्नओवर तेजी से बढ़ेगा और उनकी कार्यशील पूंजी लंबे समय तक फंसी भी नहीं रहेगी।
और फिर बजट प्रस्तावों में एमएसएमई के लिए ईज आफ डूइंग का माहौल बनाया गया है।
चार्टड अकाउंटेंट धर्मेन्द्र श्रीवास्तव के अनुसार छोटे व्यापारियों के लिए भी कई सुविधाओं का प्रविधान भी किया गया है।
फिर अभी तक 1000 रुपये तक के जीएसटी रिटर्न के लिए विभाग में दावा करना होता था और इसे भी रिजेक्ट कर दिया जाता था।
और फिर अब ऐसे छोटे रिफंड भी दिए जाएंगे। जिन उत्पादकों के उत्पाद पर जीएसटी दर उसके कच्चा माल की जीएसटी दर से कम है।
फिर उन्हें आवेदन के सात दिन में जीएसटी रिफंड दिया जाएगा। यह एमएसएमई के लिए सबसे बड़ा तोहफा है।
और इसके अलावा बिना कस्टम ड्यूटी भुगतान के कच्चा माल निर्यात की सुविधा सिर्फ लेदर और सिंथेटिक एक्सपोर्ट तक सीमित थी अब यह सुविधा शू-अपर्स के निर्यात को भी मिलेगी।
फिर उन्होंने बताया कि स्टार्टअप यूनिट को विश्व बाजार में ई-कामर्स के माध्यम से निर्यात को प्रोत्साहित करने का प्रबंध किया गया है।
अभी तक निर्यातक कोरियर के माध्यम से प्रति कंसाइनमेंट सिर्फ 10 लाख तक निर्यात कर पाते थे अब यह सीमा हटा भी दी गई है।
इसके साथ ही कानपुर सहित टायर टू और टायर थ्री शहरों में बीपीओ यानी बिजनेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग और केपीओ – नालेज प्रोसेस आउटसोर्सिंग के तहत विदेश में सेवा प्रदान करने वालों को 18 प्रतिशत जीएसटी भी देनी होती थी। अब इसे पूरी तरह से जीएसटी मुक्त भी कर दिया गया है।