लखनऊ और मेरठ विकास प्राधिकरण की तर्ज पर अब कानपुर में भी एक से अधिक भूखंडों को मिलाकर इमारत बनाई जा सकेगी। अधिकतम 4 भूखंडों को एक साथ मिलाया (आमेलित) किया जा सकेगा। लेकिन, भूखंडों को एक साथ मिलाने का आवेदन करने वालों के बीच ब्लड रिलेशन (एक ही परिवार) का होना जरूरी होगा। शुक्रवार को कानपुर विकास प्राधिकरण की 141वीं बोर्ड बैठक में पेश किये गये महत्वपूर्ण प्रस्ताव को बोर्ड ने सहमति दे दी। जिसके बाद केडीए ने अंतिम स्वीकृति के लिये प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। आवासीय भूखंडों को एक में मिलाने और नक्शा पास कराने में कुल क्षेत्र पर प्रचलित सर्किल रेट के हिसाब से 1 फीसदी शुल्क देना होगा।
कानपुर विकास प्राधिकरण की 141वीं बोर्ड बैठक मंडलायुक्त अमित गुप्ता की अध्यक्षता में प्राधिकरण सभागार में दोपहर 12 बजे शुरू हुई। बैठक में पेश 7 नये प्रस्तावों पर डीएम राकेश कुमार सिंह, केडीए उपाध्यक्ष मदन सिंह गर्ब्याल की उपस्थिति में चर्चा शुरू हुई। भूखंडीय विकास के अंतर्गत एक से अधिक भूखंडों को आमेलित संबंधित प्रस्ताव पर केडीए उपाध्यक्ष मदन सिंह गर्ब्याल ने बताया कि वर्तमान में एक से अधिक भूखंडों को आमेलित कर मानचित्र स्वीकृत करने का प्राविधान नहीं है।
जिसकी वजह से आवेदकों के आमेलित भूखंडों पर प्राप्त भवन मानचित्रों के आवेदनों को निरस्त करना पड़ता है। जबकि लखनऊ और मेरठ विकास प्राधिकरण में आमेलित कर मानचित्र पास करने का प्राविधान है। एकल आवासीय भवनों में ऐसा किया जा सकता है। इसपर प्रस्ताव को सर्वसम्मति से बोर्ड ने पास कर दिया। केडीए उपाध्यक्ष मदन सिंह ने बताया कि प्रस्ताव को शासन से स्वीकृति मिलने के बाद भूखंडों को आमेलित किया जा सकेगा।
उन्होंने बताया कि भूखंडों को आमेलित करने के लिये उसका स्वामित्य एक व्यक्ति, फर्म, कंपनी या एकीकृत परिवार के पक्ष में होना जरूरी है। भूखंड का उपयोग में होने चाहिये। आवासीय ले-आउट में एक से अधिक परंतु अधिकतम 4 भूखंडों का आमेलन किया जाना मान्य होगा।
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