
महाशिवरात्रि, होली, चैत्र नवरात्र, रामनवमी, रमजान, नवरोज़ आदि पर्व-त्योहारों के शांतिपूर्ण आयोजन की तैयारियों की मुख्यमंत्री ने गुरुवार देर रात समीक्षा की। निर्देश दिए कि इन पर्वों पर जन आस्था का पूरा सम्मान होना चाहिए लेकिन अगर कहीं कोई अराजकता होती है तो कठोरता से निपट जाए।
मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए की महाकुंभ को सफल बनाने में दैनिक वेतन भोगी कार्मिकों की बड़ी भूमिका है। इनके बकाया मानदेय का समय से भुगतान करने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महाशिवरात्रि के दिन महाकुंभ का अंतिम स्नान होगा। इस दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आगमन संभावित है। व्यवस्था में चूक की गुंजाइश नही होनी चाहिये। मुख्यमंत्री ने महाकुंभ प्रशासन को निर्देश दिए कि महाशिवरात्रि पर प्रभावी स्नान पर्व की कार्ययोजना, बनाएं। वाहन सड़क पर कतई खड़े न रहें, मूवमेंट होते रहना चाहिए।
मुख्यमंत्री अधिकारियों से कहा कि श्रद्धालुओं को संगम स्नान के लिए कम से कम पैदल चलना पड़े। संगम के स्नानार्थियों को मिलता अविरल-निर्मल गंगा-यमुना में स्नान का पुण्य लाभ किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने निर्देश कि जल की गुणवत्ता बनी रहे इसलिए लगातार मॉनिटरिंग करते रहें।
योगी ने कहा कि महाशिवरात्रि पर काशी में 15-25 लाख श्रद्धालुओं का आगमन संभावित है। सबकी सुरक्षा-सबको सुविधा सुनिश्चित होनी चाहिए। शिव मंदिरों की स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था, मंदिर की ओर जाने वाले मार्गों पर स्वच्छता, पार्किंग प्लान, ट्रैफिक डायवर्जन के लिए बेहतर कार्ययोजना लागू करें।