निकाय चुनाव में प्रचार के आखिरी दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उस्मानपुर में की जनसभा
न्यूजलिंक संवाददाता। स्थानीय निकाय चुनाव के दूसरे चरण का मतदान 11 मई को होगा। इससे पहले मंगलवार को चुनाव प्रचार के आखिरी दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शहर के दक्षिण क्षेत्र में जनसभा कर प्रत्याशियों के पक्ष में माहौल बनाया। सीएम योगी ने मंच से विरोधियों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों की उपेक्षा की वजह से कानपुर ने अपनी पहचान खो दी। लेकिन, अब फिर से नई पहचान बन रही है। सपा की सरकार में यहां कट्टे बनते थे, लेकिन अब डिफेंस कॉरिडोर का नया मोड तैयार हो रहा है। उन्होंने मंच से ‘नो कर्फ्यू नो दंगा, यूपी में सब है चंगा‘ का स्लोगन भी दिया।
उस्मानपुर के कमर्शियल ग्राउंड में आयोजित जनसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दोपहर 12.18 बजे मंच पर पहुंचे। जहां उनका मंत्रोच्चारण और माला पहनाकर स्वागत किया गया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि पहले सीसामऊ नाले का 14 करोड़ लीटर सीवर का पानी मां गंगा में गिरता था। जिससे गंगा के अस्तित्व पर प्रश्न खड़ा किया जा रहा था। नमामि गंगा योजना के तहत नाले के पानी को गंगा में गिरने से पूरी तरह रोका गया है। आज सीसामऊ सेल्फी पॉइंट बना है। कानपुर की पहचान देश के टेक्सटाइल के साथ ही देश के सबसे बड़े औद्योगिक नगरों के रूप में थी, लेकिन पिछली सरकारों ने हमेशा कानपुर की उपेक्षा की।
अब उपद्रव नहीं उत्सव मनाया जाता है
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पिछले छह सालों में बहुत कार्य किया है। यहां अम उपद्रव नहीं उत्सव होता है। दीपोत्सव हमारी पहचान बन रही है। हर नगर और हर जनपद में महोत्सव बनाया जा रहा है। पूरे उत्तर प्रदेश में उत्सव का माहौल है। उत्तर प्रदेश के शहर स्मार्ट बन रहे हैं।
दंगे के जिम्मेदार को सपा ने बनाया प्रत्याशी
सीएम योगी ने मंच से कहा, कि जो कानपुर में दंगे-कर्फ्यू के लिए जिम्मेदार थे, वह सपा के प्रत्याशी बनकर सामने आए हैं। सपा के प्रत्याशी मातृ शक्ति के लिए टिप्पणियां करते हैं। भारत की आस्था से खिलवाड़ करते हैं। उनकी रामायण के प्रति सोच किसी से छिपी नहीं है। आज शोहदों का आतंक नहीं, सेफ सिटी की पहचान बन रही है। गुंडा टैक्स रंगदारी की वसूली की जगह व्यापारियों को व्यापारिक कल्याण बोर्ड के माध्यम से 10 लाख की सुरक्षा दी जा रही है। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कानपुर के बारे में लोगों के मन में अनेक आशंकाए थीं, क्योंकि जो काम नहीं करते वह अफवाहों का सहारा लेते हैं, जिनको काम नहीं आता वह कारनामों पर विश्वास रखते हैं। उत्तर प्रदेश में बीएसपी, सपा और कांग्रेस की मिली-जुली सरकारों ने 2014 से पहले करानामें किए। पहले भ्रष्टाचार को बोलबाला था, लेकिन अब सब कुछ बदल रहा है।
डबल इंजन में तीसरा इंजन फिर जोड़िए
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि शहर के विकास में अभी ढ़ेर सारी गुंजाइश है। यह चुनाव व्यक्तिगत नहीं बल्कि एक माध्यम है शहर के विकास को सुनिश्चित कराने का। उन्होने कहा कि प्रदेश और केंद्र में बैठी सरकार भी शहर का पूरा विकास नहीं करा सकती। इसके लिए जरूरी है नगर निगम बोर्ड में भी बीजेपी की सरकार बने। डबल इंजन में तीसरा इंजन फिर से जोड़िए। सड़क, नाली, जलनिकासी, शुद्ध पेयजल और सीवर समस्या का कार्य कराने के लिए समन्वय जरूरी है। इसलिए 11 मई को होने वाले चुनाव में बीजेपी के प्रत्याशियों को वोट देकर सभी निकायों में महापौर, पार्षद, चेयरमैन और सदस्यों को पूर्ण बहुमत से जिताएं।
जनसभा में खाली पड़ी रहीं कुर्सियां
मुख्यमंत्री की जनसभा में जिस भीड़ की अपेक्षा भाजपा पदाधिकारियों ने की थी वह नहीं पहुंची। जिस समय योगी मंच से भाषण दे रहे थे। उसदौरान काफी कुर्सियां खाली पड़ी थी। भीषण गर्मी की वजह से जनसभा में पहुंचे काफी लोग वापस हो गए। बता दें, कि सभी पार्षदों को 500 लोगों की भीड़ के साथ जनसभा में पहुंचना था, लेकिन अंतिम दिन के प्रचार के चलते ज्यादातर प्रत्याशी अपने-अपने वार्डों में ही प्रचार में व्यस्त रहे। जब मंच से सीएम योगी ने कहा कि जो पार्षद हों वो अपना हाथ उठाएं, इसदौरान मंच के सामने चंद हाथ ही उठे।
मंच पर यह लोग रहे मौजूद
सीएम योगी की जनसभा में मंच पर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना, प्रदेश महामंत्री और प्रभारी प्रियंका रावत्र, क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रकाश पाल, मानवेंद्र सिंह, विजय बहादुर पाठक, जिलाध्यक्ष सुनील बजाज, डॉ. वीना आर्या, सांसद सत्यदेव पचौरी, देवेंद्र सिंह भोले, विधायक नीलिमा कटियार, अभिजीत सिंह सांगा, महेश त्रिवेदी, सुरेंद्र मैथानी, एमएलसी अविनाश सिंह चौहान, पूर्व विधायक रघुनंदन सिंह भदौरिया, सुरेश अवस्थी, नीतू सिंह आदि रहे।

