कोलंबिया यूनिवर्सिटी के छात्र और एक्टिविस्ट महमूद खलील को पूरे तीन महीने से ज़्यादा समय तक हिरासत में रखने के बाद ज़मानत पर रिहा कर दिया गया है।
और साथ ही रिहाई के बाद उन्होंने कहा कि ट्रंप प्रशासन ने स्टूडेंट प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करते हुए गलत व्यक्ति को निशाना भी बनाया गया।
साथ ही शुक्रवार को एक संघीय जज ने फै़सला सुनाया कि खलील न तो भागने की कोशिश करेंगे और न ही अपने समुदाय के लिए वह किसी तरह का ख़तरा हैं, इसलिए उन्हें हिरासत से रिहा भी किया जा सकता है।
हालांकि, उनके ख़िलाफ़ आप्रवासन की कार्रवाई अब भी लगातार जारी है। इसके अलावा महमूद खलील पिछले साल कोलंबिया यूनिवर्सिटी में फ़लस्तीनियों के समर्थन में हुए प्रदर्शनों का एक अहम चेहरा के रूप में भी थे।
और फिर 8 मार्च को गिरफ़्तार होने के बाद महमूद खलील के समर्थन में न्यूयॉर्क और वॉशिंगटन डीसी में विरोध प्रदर्शन भी हुए थे।