न्यूज़लिंक हिंदी। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। बता दें कि पीएम मोदी के पिता के खिलाफ इन्होंने बयान दिया था जिसके बाद इन पर एफआईआर दर्ज हुई थी। अब इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने दर्ज एफआईआर और आपराधिक कार्रवाई को रद्द करने से इनकार कर दिया है।
जानकारी के लिए बता दे कि खेड़ा के खिलाफ पीएम मोदी पर गलत टिप्पणी करने पर मामला दर्ज किया गया था। उसे रद्द करने के लिए कांग्रेस नेता ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी लगाई थी, लेकिन गुरुवार (4 जनवरी) को सुनवाई के बाद कोर्ट ने साफ कर दिया कि FIR रद्द नहीं होगी। जस्टिस बीआर गवई और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने खेड़ा की याचिका पर गुरुवार को सुनवाई की।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आपको निचली अदालत में मुकदमे का सामना करना पड़ेगा. पहले यह सुनवाई 13 अक्तूबर को होनी थी। सुप्रीम कोर्ट में न्यायमूर्ति बी आर गवई और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने कहा कि वह हाई कोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप करने की इच्छुक नहीं है। पीठ ने कहा, ‘माफ कीजिए, हमारा कोई इरादा नहीं है.’
जानें क्या है मामला
पीएम मोदी पर आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में पवन खेड़ा के खिलाफ हजरतगंज थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था। मुंबई में 17 फरवरी 2023 को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पवन खेड़ा ने आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। पीएम नरेंद्र मोदी के पिता के नाम को गौतम अडानी से जोड़ते हुए उन्होंने इशारों इशारों में तंज कसा था, जिस पर खूब विवाद हुआ था।
असम में एक और उत्तर प्रदेश में दर्ज दो FIR
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के मामले में 20 मार्च 2023 को, सुप्रीम कोर्ट ने प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में तीन FIR को एक साथ जोड़ दिया था। असम में एक और उत्तर प्रदेश में खेड़ा के खिलाफ दर्ज दो एफआईआर को जोड़ने के अलावा कोर्ट ने अंतरिम जमानत की अवधि भी बढ़ा दी थी। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर मामले को लखनऊ के हजरतगंज पुलिस स्टेशन में स्थानांतरित कर दिया गया था।
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जानकारी अनुसार, कांग्रेस प्रवक्ता पवन को 23 फरवरी 2023 को दिल्ली हवाई अड्डे से गिरफ्तार कर लिया गया था। उन्हें रायपुर जाने वाले विमान से उतार दिया गया था। नाटकीय घटनाक्रम के बीच खेड़ा को उसी दिन सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत भी मिल गई थी, जिसे समय-समय पर बढ़ाया जाता रहा है। सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत के बाद खेड़ा को लखनऊ कोर्ट से जमानत भी मिली थी। कथित टिप्पणी के लिए खेड़ा ने अदालत में बिना शर्त माफी मांगी है। बावजूद इसके सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बार बार माफी के बावजूद कार्रवाई से नहीं बचा जा सकता।

