अमेरिका की केंद्रीय ख़ुफ़िया एजेंसी के द्वारा पूर्व निदेशक और अमेरिकी सेंट्रल कमांड के पूर्व कमांडर जनरल डेविड पेट्रेयस ने ईरान में हुए एक स्कूल पर हमले को लेकर अमेरिका की संभावित भूमिका पर विभिन्न टिप्पणी की है।
इसके साथ ही ईरानी अधिकारियों के मुताबिक़, युद्ध के पहले दिन हुए इस हमले में 168 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें बड़ी संख्या में ही बच्चे भी शामिल थे।
और फिर आगे ये भी कहा कि उन्होंने जांच में देखे जा रहे सबूत सीधे तौर पर नहीं देखे हैं।
लेकिन उनका मानना है कि ‘यह हमला अमेरिका की ओर से हुआ हो सकता है, क्योंकि इस युद्ध में टॉमहॉक मिसाइलें केवल हमारे पास ही हैं।
इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि संभव है कि हमले के दौरान इस्तेमाल किए गए कुछ पुराने डेटा के आधार पर उस इमारत को निशाना भी बनाया गया हो।
फिर उनके मुताबिक़, कई साल पहले यह इमारत ईरानी नौसेना के एक बड़े सैन्य परिसर का हिस्सा भी हुआ करती थी।
और फिर अमेरिकी साझेदार के रिपोर्ट के मुताबिक़, अमेरिका की शुरुआती जांच में यह संकेत मिला है। फिर इस हमले के लिए अमेरिका ज़िम्मेदार भी हो सकता है।
और फिर हालांकि रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि स्कूल को जानबूझकर निशाना भी नहीं बनाया गया था और संभव है कि वह ग़लती से निशाने पर भी आ गया हो।