दिल्ली पुलिस ने कैंट में अवैध रूप से रह रहे चार बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है।
और यह सभी एक ही परिवार के रहने वाले हैं। पुलिस को लोकल लोगों से इनपुट मिले थे कि कुछ बांग्लादेशी लोग महिपालपुर इलाके में मौजूद हैं।
और महोम्मद रोहन ढाका बांग्लादेश, सुहेल अहमद मीरगंज बांग्लादेश, महोम्मद जुबराज खर्रा बांग्लादेश औरअबु केस ढाका, बांग्लादेश के रहने वाले हैं।
और इन सभी को FRRO की मदद से बांग्लादेश डिपोर्ट किया जा चुका है। और यह सभी भारत में अवैध रूप से रह रहे थे, जबकि इन सभी का वीजा एक्सपायर भी हो चुका है।
और फिर पुलिस से बचने के लिए यह सभी लोग अपनी पहचान को छिपाने के लिए होटलों मे भी रुके थे।
साथ ही जब पुलिस को लोकल लोगों से यह इनपुट मिले कि ये होटलों मे भी ठहरे थे तो पुलिस टीम ने चार व्यक्तियों को हिरासत में ले लिया।
और जब इनके दस्तावेज खंगाले गए तो यह जानकारी मिली कि इन सभी का वीजा तो एक्सपायर भी हो चुका है और यह लोग इल्लीगल तरीके से दिल्ली में बसे हुए थे।
पुलिस की पूछताछ में पता चला कि सभी ने बताया कि इन लोगों ने अपने इलाज के लिए भारत का वीजा लिया था। और पुर्तगाल का वीजा भी इन्होनें प्राप्त किया था। दिल्ली में ये लोग कई होटलों में छिपकर रहे थे।
इसके अलावा, दिल्ली पुलिस की सेंटर जिला पुलिस ने भी अवैध बांग्लादेशियों के खिलाफ बड़ी कार्यवाई भी की।
और सेंटर जिला पुलिस ने भी 6 अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों को भी पकड़ा। और ये लोग पहचान छिपाकर दिल्ली में बसे हुए थे और चूड़ीवाला चांदनी महल इलाके मे छिपकर रह रहे थे।
पुलिस ने इनके पास से कुछ दस्तावेज भी बरामद किए हैं। ये डॉक्यूमेंट भारत के ही हैं। पुलिस ने लोकल इनपुट का इस्तोमाल करते हुए टेक्निकल सर्विलांस की मदद से चांदनी महल इलाके में जब रेड की।
यह सभी एक ही घर से पकड़े गए हैं। पकड़े गए बांग्लादेशियों मे 2 बच्चें भी शामिल हैं। पकड़े गए लोगों में मरियम जशोर जिला बांग्लादेश, तुलतुल, जशोर जिला बांग्लादेश, शिवली जशोर जिला बांग्लादेश, अर्ज़ीना जशोर जिला बांग्लादेश हैं और 2 बच्चों के साथ- साथ महिला भी शामिल है।
लेकिन पुलिस फिलहाल इन सभी से पूछताछ करने में जुटी हुई है। और इन्होनें भारत में किस रूट से एंट्री ली थी इसके बारे में भी पुलिस जानकारी हासिल करने में लगी है।
और इनकी मदद करने वालों के बारे में भी पुलिस खोजबीन भी कर रही है। और इनके दिल्ली आने के बाद में किन-किन लोगों ने इनको मदद पहुंचाई और इनको दिल्ली में रहने के लिए शरण देने वाले कौन लोग हैं?
अब इसकी तलाश भी की जा ही है। और फिर इसके बाद फिर FRRO की मदद से इन सभी को डिपोर्ट भी किया जाएगा।