न्यूज़लिंक हिंदी। प्रदूषण का स्तर दिल्ली के साथ देश के तमाम शहरों में तेजी से बढ़ रहा है। बढ़ते प्रदूषण के कारण आंखों में जलन, खांसी, सांस फूलने आदि की समस्या होती है।प्रदूषण के कारण अस्थमा के मरीजों की परेशानी और बढ़ जाती है।एक आंकड़े के अनुसार साल 2050 तक अस्थमा रोगियों की संख्या तीन गुना बढ़ जाएगी। अस्थमा होने के कई कारण हो सकते हैं। अस्थमा का रोग कभी भी किसी को भी अचानक अपनी गिरफ्त में ले सकता है। लंबे समय तक खांसी बनी रहना या फिर सांस लेने की समस्या अस्थमा के मुख्य लक्षण है।

अगर प्रदूषण के बीच इनका ध्यान नहीं रखा जाए, तो अस्थमा का अटैक भी आ सकता है। तो आइए जानते हैं, अस्थमा के मरीज कैसे अपनी सेहत का ख्याल रख सकते हैं।
अस्थमा के मरीज इस तरह रखें अपना ख्याल..
.अगर आप कहीं बाहर घूमने जा रहे हैं या ट्रैवल कर रहे हैं, तो अपना इन्हेलर साथ रखें।
. एक ही बार में बहुत ज्यादा खाना न खाएं। 2-3 घंटे के अंतराल के पर हेल्दी चीजें खाने की कोशिश करें। बहुत अधिक तले हुए खाद्य पदार्थ खाने से बचें। दरअसल, ऑयली फूड्स खाने से गले की खराश बढ़ सकती है, जिससे आपको घुटन भी महसूस होगी।
.रोजाना रात में सोने से पहले एक कप गर्म पानी पिएं, जिससे पाचन में सहायता मिलता है और श्वसन तंत्र से भी टॉक्सिक पदार्थ बाहर निकलते हैं।
. ड्राई फूट्स में भरपूर मात्रा में विटामिन ई के अलावा इसमें टोकोफेरॉल नामक तत्व होता है जो अस्थमा के कारण होने वाली खांसी और घरघराहट को कम करने में मदद करते हैं। इसलिए अपनी डाइट में बादाम, अखरोट, कद्दू के बीज, सूरजमुखी के बीज के साथ-साथ ब्रोकली आदि शामिल करें।
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. प्रदूषण से बचने के लिए रोजाना सुबह खाली पेट एक गिलास गर्म पानी पी सकते हैं । चाहें तो आप गरारे भी कर सकते हैं, इससे भी अस्थमा के मरीजों को फायदा मिलेगा।
. ऐसी जगहों पर न जाएं, जहां ज्यादा प्रदूषण हो। त्योहार के दौरान बच्चे पटाखे फोड़ते हैं, ऐसे में इन जगहों पर भी जाने से बचें। अगर आप ऐसी जगहों पर जाएं भी, तो अपने चेहरे को रूमाल से ढक लें या मास्क का उपयोग कर सकते हैं।

