न्यूज़लिंक हिंदी। दिल्ली हाईकोर्ट ने सीबीएसई 10वीं क्लास की छात्रा को बोर्ड एग्जाम से रोकने पर फटकार लगाई है। कोर्ट ने एडमिट कार्ड (CBSE Admit Card) जारी करने के बाद छात्रा को एग्जाम हॉल के बाहर रोकने पर अमानवीय व्यवहार बताते हुए कहा कि सीबीएसई को ऐसा करने का कोई अधिकार नहीं है, यह पूरी तरह से अस्वीकार्य है। साथ ही हाईकोर्ट ने छात्रा को उस दिन का पेपर पूरा करने के लिए समय देने की बात कही है।
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यह है मामला
याचिकाकर्ता छात्रा कनिष्का ने अपनी मां संतोष के जरिए दायर याचिका में कहा कि सीबीएसई ने सितंबर-2023 में एक नोटिस जारी कर उम्मीदवारों से परीक्षा में शामिल होने के लिए आवेदन के साथ दिल्ली निवासी होने के संबंध में अधिवास प्रमाण पत्र अपलोड करने को कहा था। कनिष्का की तरफ से पेश हुए अधिवक्ता साहिल मोंगिया ने कहा कि 10वीं की बोर्ड परीक्षा में शामिल होने के लिए अपना आवेदन पत्र अपलोड करते समय याचिकाकर्ता छात्रा के पास अधिवास प्रमाण पत्र नहीं था।
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छात्रा ने दिसंबर-2023 में अधिवास प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया था और 24 जनवरी को उसे यह प्राप्त हुआ था। प्रमाण पत्र सीबीएसई की वेबसाइट पर अपलोड होने पर उसने 13 जनवरी को बोर्ड के समक्ष प्रमाणपत्र जमा कर दिया। इसके बाद उसे प्रवेश पत्र जारी किया था और इसी के आधार पर उसने 21 फरवरी को अपना पहला पेपर दिया। लेकिन, जब वह अंग्रेजी का पेपर देने गई तो उसे परीक्षा हॉल में जाने रोक दिया गया और दूसरा पेपर देने की अनुमति नहीं दी गई।

