दिल्ली जल बोर्ड अब बना रहा प्लान बकाया बिलों की वसूली के लिए। जिस तरह से दिल्ली में बिजली सप्लाई करने वाली कंपनियां बिजली बिल बकाया होने पर ऑफिस में बैठे-बैठे ही किसी भी कंज्यूमर्स की बिजली मीटर से सप्लाई डिस्कनेक्ट कर देती हैं।
उसी तरह से जल बोर्ड भी बकाया बिलों की वसूली के लिए कुछ ऐसा ही तकनीकी मैनेजमेंट सिस्टम डिवेलप करने का प्लान बना रहा है।
और जल बोर्ड अफसरों का कहना है कि करीब 11 लाख ऐसे कंज्यूमर्स हैं, जिनका का करीब 5700 करोड़ रुपये पानी का बिल लंबे समय से बकाया भी है।
और ईस दौरान यह बात सामने आई कि दिल्ली में बिजली उपभोक्ताओं की संख्या तो 52 लाख से भी अधिक है, लेकिन पानी उपभोक्ताओं की संख्या बिजली उपभोक्ताओं की तुलना में करीब आधी है।
और अधिकारियों ने कहा कि बिजली कंपनियों ने जिन लोगों को कनेक्शन दिया है, उनसे डेटा लेकर प्रत्येक घरों का सर्वे भी किया जाए। ताकि यह पता चल सके कि पानी के उपभोक्ताओं की वास्तविक संख्या कितनी है।
उसी के हिसाब से फिर बिलिंग प्रोसेस शुरु किया जाए। ऐसे में जल बोर्ड के रेवेन्यू काफी बढ़ भी सकता है। इसके अलावा जल बोर्ड अफसरों के अनुसार दिल्ली में पानी उपभोक्ताओं की कुल संख्या करीब 28.26 लाख है।
इसमें से 11 लाख के आसपास ऐसे उपभोक्ता है, जिन्हें अपने पानी के बिलों पर आपत्ति हैं और लंबे समय से बिल का भुगतान भी नहीं कर रहे हैं और लगातार उनका पानी का बिल बढ़ता जा रहा है।
ऐसे उपभोक्ताओं का एरियर के रूप में करीब 5700 करोड़ रुपये बकाया है। और भविष्य में पानी के बकाया बिलों का समय पर भुगतान के लिए पाइप लाइनों के वॉल्व पर स्कॉडा सिस्टम लगाने की बात की जा रही है, ताकि किसी भी उपभोक्ता का पानी का बिल अधिक समय से बकाया है, तो उसका कनेक्शन जल बोर्ड अधिकारी ऑफिस में बैठे ही काट दे।
और इसके साथ ही स्काडा सिस्टम पूरी तरह से डिवेलप होने के बाद सबसे पहले इस कैटिगरी में कमर्शल कंस्यूमर्स और बल्क वॉटर कंस्यूमर्स को भी शामिल किया जाएगा।
और साथ ही दिल्ली में कमर्शल कंस्यूमर्स की संख्या 82 हजार से अधिक है। इसके अलावा कंस्यूमर्स 4300-4500 हैं। और यह प्रयोग सफल होने के बाद दूसरे कैटिगरी के पानी उपभोक्ताओं को इस सिस्टम के तहत संयुक्त रूप से शामिल किया जाएगा।