राष्ट्रीय की राजधानी दिल्ली में तुर्कमान गेट स्थित फ़ैज़-ए-इलाही मस्जिद के पास बने अतिक्रमण को बीती रात पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया गया।
और फिर अतिक्रमण हटाने की ये कार्रवाई दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के बाद ही की गई है।
फिर इस दौरान स्थानीय लोगों और पुलिस के बीच झड़प भी हुई और पुलिस को आंसू गैस का इस्तेमाल भी करना पड़ा।
इसके साथ ही दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी निधिन वलसन ने मीडिया से बात करते हुए ये भी कहा।
क़रीब 25-30 लोगों ने पुलिस टीम पर पथराव किया, जिसमें पांच पुलिसकर्मियों को मामूली चोट भी लगी है।
और फिर स्थिति नियंत्रण में करने के लिए हमें आंसू गैस का इस्तेमाल भी करना पड़ा। और फिर यहां एक बैंक्वेट हॉल और डिस्पेंसरी थी जिसे तोड़ा भी गया है।
और फिर ये कार्रवाई रात में की गई है ताक़ि इससे स्थानीय लोगों को परेशानी भी ना हो।
और फिर आगे उन्होंने यह भी कहा है कि जिन लोगों ने पत्थरबाज़ी की है उनके ख़िलाफ़ सख्त कार्रवाई भी की जाएगी। और फिर पुलिस का कहना है कि हालात शांतिपूर्ण बने हुए हैं।
इसके अलावा मस्जिद के पास बने अवैध हिस्से को हटाने के लिए बीती रात एमसीडी की टीम तीस से अधिक बुलडोज़र और ट्रक लेकर मौक़े पर पहुंची थी।
और फिर इस मुद्दे पर मंगलवार को दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई भी हुई। और अब अगली सुनवाई 22 अप्रैल को ही होगी।
साथ ही मस्जिद समिति को एमसीडी की कार्रवाई रोकने के लिए अदालत से राहत भी नहीं मिल सकी थी।
और फिर नवंबर में दिल्ली हाई कोर्ट ने मस्जिद के पास बने हिस्से को अवैध बताते हुए एमसीडी को अतिक्रमण हटाने के लिए तीन महीने का वक़्त भी दिया था।
फिर आदेश के मुताबिक़, मस्जिद के पास क़रीब 39 हज़ार वर्गमीटर क्षेत्र में अवैध अतिक्रमण भी था।
हालांकि, मस्जिद समिति इस ज़मीन पर अपना हक़ होने का दावा कर रही थी और इस आदेश के ख़िलाफ़ दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका भी दायर की गई थी।
और फिर मस्जिद समिति से जुड़े जावेद ख़ान ने ये भी कहा था, प्रशासन जिसे अपनी जगह बता रहा है वहां पहले क़ब्रिस्तान ही था। और फिर हम ज़मीन से जुड़े दस्तावेज़ अदालत में पेश भी करेंगे।
हालांकि उन्होंने ये भी कहा था, इस मामले में इकतरफ़ा भी सुनवाई हो रही है और हमारे पक्ष को सुना भी नहीं जा रहा है।
और फिर यदि अदालत हमारे ख़िलाफ़ फ़ैसला देती है तो हम उसे उच्च न्यायालय में चुनौती भी देंगे।