दिल्ली के जनकपुरी इलाके में एक 25 साल के युवक की गहरे गड्ढे में गिरकर मौत हो गई।
और फिर मृतक के परिवार ने बताया आप ने इसे ‘सरकारी हत्या’ बताते हुए बीजेपी सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
देश की राजधानी दिल्ली के जनकपुरी इलाके में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां पीडब्ल्यूडी की सड़क पर दिल्ली जल बोर्ड द्वारा खोदे गए गड्ढे में गिरकर एक 25 साल के युवक की मौत हो गई।
और फिर इस घटना ने दिल्ली की राजनीति में उबाल ला दिया है। और आम आदमी पार्टी ने इसके लिए सीधे तौर पर बीजेपी सरकार और प्रशासन की घोर लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है।
और शुक्रवार को आप मुख्यालय में प्रेस वार्ता करते हुए दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने घटना का विस्तृत ब्यौरा साझा किया।
और फिर उन्होंने बताया कि मृतक युवक, कमल (25), रोहिणी स्थित एक कॉल सेंटर में काम करता था।
और फिर गुरुवार रात काम से लौटते समय वह जनकपुरी में एक खुले गड्ढे में गिर गया और पूरी रात वहीं तड़पता रहा।
इसके साथ ही कमल के परिजन रात भर रोहिणी, पालम और जनकपुरी समेत 6 अलग-अलग थानों के चक्कर काटते रहे, लेकिन किसी भी थाने ने एफआईआर दर्ज नहीं की।
सागरपुर थाने में पुलिसकर्मी ने पीड़ित परिवार से कहा कि ‘सिर्फ तुम्हारा भाई ही नहीं खोया है, पूरी दुनिया खो रही है।
और पुलिस ने परिवार को कमल की जो लोकेशन भेजी थी, उसे तुरंत डिलीट क्यों किया गया? क्या पुलिस कुछ छिपाना भी चाह रही है?
इसके अलावा सौरभ भारद्वाज ने क्षेत्रीय मंत्री आशीष सूद पर ‘लीपापोती’ करने का आरोप लगाया।
और उन्होंने कहा कि मंत्री दावा कर रहे हैं कि सुरक्षा के पूरे इंतजाम थे, जबकि चश्मदीदों के मुताबिक बैरिकेडिंग और पर्दे शुक्रवार सुबह पुलिस के आने के बाद ही लगाए गए।
और उन्होंने मांग की कि पुलिस उस इलाके की सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक करे ताकि सच सामने आ सके कि गड्ढे के पास कोई भी चेतावनी बोर्ड था या नहीं।
फिर यह घटना दिल्ली में बुनियादी ढांचे के रखरखाव और आपातकालीन सेवाओं की तत्परता पर बड़े सवाल भी खड़े करती है।
और फिर आप ने केंद्रीय गृह मंत्री से ये अपील की है कि वे इस मामले में हस्तक्षेप करें और दोषियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित भी करें।