न्यूज़लिंक हिंदी। गोरखपुर के माफिया विनोद उपाध्याय के एसटीएफ के साथ हुई मुठभेड़ में विनोद के मारे जाने के बाद देवरिया जिले की पुलिस और भी सक्रिय हो गई है। शहर व अन्य स्थानों पर उससे जुड़े लोगों की कुंडली पूर्ण रूप से खंगाल रही है।
वहीं जमानतदारों के बारे में भी जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। इसके चलते उसके संपर्क में रहने वाले सभी लोग सहमे हुए हैं।गोरखपुर के माफिया व एक लाख रुपये के ईनामी विनोद उपाध्याय ने जिले में पूर्ण रूप से नेटवर्क फैला रखा था। उसकी जिले के एक गांव में ससुराल है। इसके चलते उसका यहां आना-जाना लगा रहता था।
सूत्रों के मुताबिक विनोद उपाध्याय का लखनऊ और गोरखपुर में रहने वाले जनपद के कुछ युवा उसके करीबी थे। उनकी अक्सर बात भी होती थी और उसके अवैध धंधे में भी साथ रहने की बात भी कही जा रही है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार माफिया के खिलाफ गोरखपुर के शाहपुर थाने में दर्ज एक मुकदमा में शहर के एक मोहल्ला निवासी एक व्यक्ति ने जमानत भी ली थी। वहीं बस्ती में हुई एक घटना के मामले में शहर के अन्य एक मोहल्ला के दो लोगों ने प्रभाकर द्विवेदी और विनोद के जमानतदार थे।
अयोध्या में दर्ज एक मुकदमे में भी विनोद के जमानतदार शहर के एक मोहल्ला का ही व्यक्ति था। वहीं विनोद उपाध्याय नेटवर्क से जुड़े लोगों के साथ अवैध जमीन का कारोबार भी करता था। विनोद उपाध्याय के मुठभेड़ में मारे जाने के बाद उसके संपर्क में रहने वाले लोग सहमे हुए हैं। वहीं पुलिस उससे जुड़े तार की जानकारी जुटाने में पूर्ण रूप से लगी हुई है।
एएसपी दीपेंद्र कुमार चौधरी ने कहा कि विनोद उपाध्याय से जुड़े लोगों की कुंडली खंगाली जा रही है। उसके जमानतदारों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। ऐसे लोगों पर पुलिस की नजर है।

