Diwali 2023: दिवाली के दिन आखिर क्यों खाते है अधिकतर लोग जिमीकंद, जानिए इसका महत्व

दिवाली पर जिमीकंद खाने से घर में सुख और समृद्धि आती है। दरअसल, जिमीकंद जड़ से हटाने के बावजूद फिर से उग जाता है।

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न्यूज़लिंक हिंदी। दिवाली का अवसर हो और घरों में स्वादिष्ट पकवान ना बनें ऐसा संभव नहीं, देश भर में स्वादिष्ट पकवानों के साथ साथ इस खास दिन पर कई ऐसे व्यंजन भी बनते हैं जिन्हें मान्यताओं से जोड़ कर देखा जाता है। कहीं कोई विशेष मिठाई बनती है तो कहीं कोई खास सब्जी, कुछ इसी तरह कई लोग दिवाली पर खास तौर से सूरन यानी जिमीकंद की सब्जी बनाते हैं। बहुत से लोग दिवाली पर जिमीकंद खाते तो हैं, लेकिन ये नहीं जानते कि आखिर इस दिन ये सब्जी बनाने के पीछे का क्या कारण है। चलिए जानते है इस बारे में..

जरा सोचिए दिवाली के दिन खाने की मेज पर तरह तरह की मिठाइयों और व्यंजनों के बीच जिमीकंद की सब्जी पड़ी देखना कितना अटपटा लगता होगा, लेकिन दिवाली की रात जिमीकंद की सब्जी बनाने का इस त्योहार से बड़ा कनेक्शन है। दिवाली के दिन जिमीकंद खाने के दो कारण है। पहला तो ये सेहत के लिहाज से अच्छा है और दूसरा मान्यताओं के आधार पर इसे बेहद फायदेमंद माना गया है।

मान्यताओं के अनुसार,
दिवाली पर जिमीकंद खाने से घर में सुख और समृद्धि आती है। दरअसल, जिमीकंद जड़ से हटाने के बावजूद फिर से उग जाता है। जिसके कारण माना जाता है कि ये आपके घर से सुख और समृद्धि को कभी खत्म नहीं होने देगा। आपके घर पर कितनी भी परेशानी आए, वो तुरंत खत्म होंगी और जैसे जिमीकंद जड़ से काटने के बावजूद फिर उग आता है वैसे ही सुख-समृद्धि फिर आपके घर आ जाएगी।

दूसरी तरफ ये ये सब्जी सेहत के लिहाज से भी बेहद अच्छी है। जिमीकंद पोषक तत्वों से भरपूर होने के कारण एंटीऑक्सीडेंट और एंटी इंफ्लेमेटरी तत्वों का बेस्ट सोर्स माना जाता है। वहीं दिवाली के अलावा आम दिनों में भी जिमीकंद की सब्जी का सेवन अक्सर किया जाता है। ऐसे में जिमीकंद की बढ़ती मांग के कारण कई जगहों पर इसकी खेती भी शुरू कर दी गयी है।

उचित मात्रा में करे सेवन..
वैसे तो इसका स्वाद काफी हद तक अरबी की तरह होता और अगर इसे उबाल कर नींबू डाल कर इसका चोखा बनाया जाए या कम मसाले वाली सब्जी बनाई जाए तो ये सेहत के लिए अच्छा होगा लेकिन अगर इसका स्वाद बढ़ाने के चक्कर में इसमें तेल मसालों की मात्रा बढ़ा दी जाए तो ये पेट और सीने में जलन भी पैदा कर सकती है।

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जिमीकंद का सेवन सीमित मात्रा में और कम तेल मसाले के साथ ही करना बेहतर रहता है। माना जाता है जिमीकंद का सेवन सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होता है।

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