न्यूज़लिंक हिंदी। ठंड से बचने के लिए कमरे में आग जलाकर सोना जानलेवा साबित हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, बंद कमरे में अलाव जलने से कार्बन मोनोऑक्साइड, कार्बन डाई ऑक्साइड गैस मिलकर मेथ हीमोग्लोबिनिया जहरीली गैस बना देते हैं, जो मौत का कारण बन जाते हैं।
खासकर जब कोई बंद कमरे में इसका इस्तेमाल करता है तो कमरे के अंदर ऑक्सीजन खत्म हो जाती है और कार्बन मोनोऑक्साइड की मात्रा अधिक बढ़ जाती है। सोया हुआ व्यक्ति जब सांस लेता है तो ऑक्सीजन की जगह कार्बन मोनोऑक्साइड ही शरीर में जाती है, जिससे दिमाग पर असर होता है और इंसान बेहोश हो जाता है और इंसान की मौत हो जाती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि जहां पर हीटर जलाएं। वहां आसपास जलने वाली चीजें जैसे कागज, कपड़े, कंबल, रजाई आदि न रखें। बेड से भी इसे दूर रखें, जब भी हीटर जलाएं तो थोड़ी-थोड़ी देर पर कमरा खोल दें, क्योंकि इससे कार्बन मोनोऑक्साइड गैस निकलती है, जो खतरनाक हो सकती है।
बरतें सावधानी…
- अलाव जलाकर उसके पास न सोएं।
- पास में पानी से भरी बाल्टी जरूर रखें।
- आग जलाएं तो जमीन पर सोने से बचें।
- हीटर का प्रयोग थोड़े समय के लिए ही करें।
- घर में वेंटिलेशन हो तभी अलाव, हीटर या ब्लोअर चलाएं।
- हीटर या अंगीठी के सामने प्लास्टिक, कपड़े न रखें।
एयर ब्लोअर इस्तेमाल नहीं करना चाहिए
जिला अस्पताल के चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. नवीन वर्मा ने बताया कि हीटर स्किन को भी नुकसान पहुंचाता है। हीटर के सामने ज्यादा देर तक बैठने से स्किन ड्राई हो जाती है और खुजली भी हो सकती है। हीटर से आंखें भी ड्राई हो जाती हैं और इनमें जलन की प्रॉब्लम हो सकती है। इतना ही नहीं जिन लोगों को हार्ट, सांस या खांसी जैसी प्रॉब्लम है। उन्हें एयर ब्लोअर इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। बेहतर होगा कि ब्लोअर चलाते समय कमरे में गुनगुना पानी रख लें, ताकि ब्लोअर की वजह से हवा ड्राई न हो।
ये भी पढ़ें :UP News: प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दिन पूरे प्रदेश को मिलेगी निर्बाध बिजली, आदेश जारी

