न्यूज़लिंक हिंदी। गंजापन होना आजकल एक सामान्य समस्या बन गई है, जो पुरुषों और महिलाओं दोनों को ही प्रभावित कर सकती है। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं।
जैसे जे, तनाव, खराब लाइफस्टाइल, हार्मोनल बदलाव, पोषण की कमी और बहुत ज्यादा हेयर ट्रीटमेंट्स कई लोग बालों के गिरने और गंजापन की समस्या को रोकने और बालों को फिर से उगाने के लिए कई तरीके ही अपनाते हैं।
गंजी खोपड़ी पर बाल उगाने के लिए संयम और नियमितता की बहुत ही ज्यादा जरूरत होती है, घरेलू उपचार, डाइट और सही देखभाल के साथ-साथ डॉक्टर से सलाह लेना भी जरूरी है, ताकि समस्या को जड़ से समझकर उसका समाधान भी किया जा सके।
बालों के स्वास्थ्य के लिए पोषण बहुत ही जरूरी होता है, प्रोटीन, आयरन, जिंक, विटामिन बी और विटामिन ई से भरपूर डाइट ही लें, बालों को हेल्दी रखने में हरी पत्तेदार सब्जियां, नट्स, बीज, अंडे, दालें और मछली का सेवन मददगार भी हो सकता है।
स्कैल्प की मालिश करना ब्लड फ्लो को बढ़ाने में मदद करता है और बालों की ग्रोथ में सहायक भी होता है। नारियल का तेल, अरंडी का तेल, जैतून का तेल, और आंवला तेल जैसे प्राकृतिक तेलों से मालिश भी करें। रोजमेरी या लैवेंडर एसेंशियल ऑयल को भी अपने नियमित तेल में मिलाकर लगाया भी जा सकता है।
प्याज का रस बालों की ग्रोथ में सहायक माना जाता है क्योंकि इसमें सल्फर होता है, जो बालों के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है। प्याज का रस खोपड़ी पर लगाकर 15-20 मिनट तक छोड़ दें और फिर हल्के शैंपू से धो लें।
मेथी के दानों को भिगोकर पेस्ट बनाएं और इसे खोपड़ी पर लगाएं। इससे बालों की जड़ों को मजबूती भी मिलती है। एलोवेरा बालों को नमी देने और स्कैल्प की सूजन को कम करने में मदद भी करता है। एलोवेरा जेल नियमित रूप से खोपड़ी पर लगाएं।
केमिकल वाली चीजों के ज्यादा उपयोग से बचें, गर्म पानी से बालों को धोने की बजाय गुनगुने या ठंडे पानी का इस्तेमाल करें। तनाव को कम करने के लिए योग, ध्यान और व्यायाम को अपने रूटीन में शामिल भी करें।
डॉक्टर की सलाह पर दवाओं का प्रयोग भी किया जा सकता है, यह बालों की ग्रोथ में मददगार भी साबित हो सकता है। अगर गंजापन ज्यादा है, तो हेयर ट्रांसप्लांट भी एक विकल्प हो सकता है।
बालों को गंदगी और धूल से बचाने के लिए उन्हें नियमित रूप से धोएं, बालों में नमी बनाए रखने के लिए कंडीशनर का इस्तेमाल करें और बालों को उलझने से बचाने के लिए हल्के हल्के हाथों से कंघी करें।
आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों जैसे आंवला, ब्राह्मी, भृंगराज और शतावरी का मुख्य प्रयोग किया जा सकता है, ये बालों को मजबूत बनाने और उनकी जड़ों में सुधार करने में पूर्ण मदद कर सकते हैं।

