अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संसद में संबोधन के दौरान ही बेहतरीन आर्थिक बदलावों का ही श्रेय अपने टैरिफ़ को भी दिया गया।
और फिर उन्होंने सदन में बैठे सुप्रीम कोर्ट के नौ में से चार जजों की ओर देखते हुए कोर्ट के हालिया फ़ैसले को निराशाजनक और दुर्भाग्यपूर्ण भी बताया गया।
और फिर हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के टैरिफ़ को रद्द कर दिया था, कोर्ट ने टैरिफ़ को ‘अवैध’ बताया था और कहा था कि टैरिफ़ लगाने का अधिकार अमेरिकी संसद के पास ही है।
इसके साथ ही ट्रंप ने कहा कि कोर्ट के फ़ैसले के बावजूद टैरिफ़ पूरी तरह स्वीकृत और परखे गए वैकल्पिक क़ानूनी प्रावधानों के तहत लागू भी रहेंगे। हालांकि, इसके लिए उन्हें कांग्रेस की मदद की ज़रूरत भी होगी।
और फिर सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के बाद ट्रंप की ओर से लागू किए गए 15 फ़ीसदी टैरिफ़ को ही अगर संसद मंज़ूरी नहीं देती है तो वह 150 दिनों में समाप्त भी हो जाएंगे।