अमेरिकी में यौन अपराधी और मानव तस्कर जेफ़री एपस्टीन से संबंधों को लेकर ही अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी विभिन्न प्रतिक्रिया दी है।
और फिर इसके साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति ने मंगलवार को व्हाइट हाउस के ओवल आफ़िस में पत्रकारों से बात करते हुए भी ये कहा। कि जेफ़री एपस्टीन से उनका कोई भी लेना-देना बिल्कुल भी नहीं रहा है।
और फिर उन्होंने ये दावा किया कि न्याय विभाग की ओर से हाल ही में जारी फ़ाइलों से साज़िश भी सामने आती है, जिसका मक़सद उन्हें राजनीतिक रूप से नुक़सान पहुंचाना और चुनाव भी हरवाना था।
और फिर इतना ही नहीं ग्रैमी अवॉर्ड्स के प्रसारण और उसके होस्ट ट्रेवर नोआ का ज़िक्र करते हुए ट्रंप ने ये भी कहा, उन्होंने कहा कि मैंने जेफ़री एपस्टीन के द्वीप पर समय भी बिताया।
और फिर मैंने ऐसा बिल्कुल भी नहीं किया। और फिर मेरा जेफ़री एपस्टीन से कोई संबंध भी नहीं है।
इतना ही नहीं ट्रंप ने आगे ये भी दावा किया कि एपस्टीन और लेखक माइकल वोल्फ़ ने डोनाल्ड ट्रंप को चुनाव हरवाने की साजिश भी रची थी…तो यहीं से साफ़ है कि मेरा इस व्यक्ति से कोई लेना-देना बिल्कुल भी नहीं था।
और फिर ट्रंप ने डेमोक्रेट्स पर एपस्टीन को लेकर फिर से मुद्दा उठाने का आरोप भी लगाया और कहा कि यह अब उन्हीं पर पलटकर भी पड़ रहा है, क्योंकि फाइलों में दूसरे प्रभावशाली नाम भी सामने आ रहे हैं।
और फिर उन्होंने ये भी कहा, डेमोक्रेट्स इसे आगे भी बढ़ा रहे हैं, लेकिन दिक्कत यह है कि इसमें सामने आ रहा है कि डेमोक्रेट्स ही एपस्टीन के साथ थे और उसके साथ साज़िश में शामिल भी थे।
और फिर इससे पहले ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, मैं जेफ़री एपस्टीन का करीबी नहीं था, बल्कि न्याय विभाग की ओर से ही अभी जारी की गई जानकारी के मुताबिक, एपस्टीन और माइकल वोल्फ़ नाम का एक झूठा लेखक मेरे ख़िलाफ़ साज़िश भी कर रहा था, ताकि मुझे नुकसान भी पहुंचाया जा सके।
और फिर उन्होंने यह भी कहा कि वह कभी भी एपस्टीन के आइलैंड पर नहीं गए, और हाल ही में अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट ने 30 लाख से अधिक दस्तावेज जारी किए।
जिसमें एपस्टीन के सामाजिक और पेशेवर संपर्कों का ब्योरा है। और फिर जिनमें राजनीति, वित्त और उद्योग से जुड़े कई दिग्गजों के नाम सामने भी आए हैं।