न्यूज़लिंक हिंदी। भारत में पिछले दिनों कई भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। वुधवार रात हिमाचल प्रदेश के कुल्लू और मंडी में भी भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए थे। तो वहीं यूरोपीय भूमध्यसागरीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, इंडोनेशिया के बांदा सागर में बुधवार को भूकंप के झटके महसूस किए गए। इस भूकंप की तीव्रता 6.8 बताई जा रही है।

नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक, इंडोनेशियाई समय के मुताबिक भूकंप के तीव्र झटके सुबह 10.23 बजे देश के बांदा सागर में महसूस किए गए। समंदर में उठे इस भूकंप ने सौमलाकी शहर को हिलाकर रख दिया। राजधानी जकार्ता में भूकंप के तेज झटके लगे हैं। अभी भूकंप से होने वाले नुकसान की जानकारी सामने नहीं आई है।
यूएसजीएस ने कहा..
भूकंप बेंगकुलु शहर के दक्षिण-पश्चिम में लगभग 212 किलोमीटर दूर आई है। भारत में हिंद महासागर सुनामी चेतावनी और शमन प्रणाली (IOTWMS) ने कहा कि भूकंप “ऐतिहासिक डेटा और सुनामी मॉडलिंग के आधार पर” हिंद महासागर क्षेत्र को प्रभावित करने वाली सुनामी पैदा करने में सक्षम हो सकता है।
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जमीन के नीचे प्लेटों का टकराव से भूकंप आते है..
पृथ्वी में सतह की गहराई में टेक्टानिक व यूरेशियन प्लेट हैं जो पृथ्वी का आकार संभाले हुए हैं। जमीन के अंदर बढ़ते दबाव से प्लेटों में टकराव बढ़ता है। भारतीय प्लेट हर वर्ष 15-20 मिमी चीन की ओर खिसक रही है। इसको खिसकने से जो ऊर्जा निर्मित होती है वह जमीन से बाहर आती है तो भूकंप की स्थिति बनती है। विज्ञानियों को मानना है कि जमीन के नीचे प्लेटों का टकराव पिछले 50 मिलियन साल से हो रहा है। विनाशकारी भूकंपों के आने से नए पहाड़, झील व नदियों का निर्माण भी होता है।

