‘ED ने 16 घंटे की रेड के दौरान नहीं ली कोई तलाशी’, AAP नेताओं पर छापेमारी के बाद ED पर बरसीं आतिशी

तो वहीं मंत्री आतिशी का बड़ा बयान सामने आया है जिसमें वो कह रही हैं कि ईडी के अधिकारियों ने 16 घंटे की छापेमारी के दौरान मुख्यमंत्री केजरीवाल के निजी सचिव बिभव कुमार और सांसद एनडी गुप्ता के घर में कोई तलाशी नहीं ली।

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न्यूज़लिंक हिंदी। दिल्ली में ईडी ने आम आदमी पार्टी के कई नेताओं के घर पर छापेमारी की है। जिसमें दिल्ली सरकार में मंत्री आतिशी का भी नाम शामिल है। तो वहीं मंत्री आतिशी का बड़ा बयान सामने आया है जिसमें वो कह रही हैं कि ईडी के अधिकारियों ने 16 घंटे की छापेमारी के दौरान मुख्यमंत्री केजरीवाल के निजी सचिव बिभव कुमार और सांसद एनडी गुप्ता के घर में कोई तलाशी नहीं ली।

आतिशी ने कहा, “कल केंद्र सरकार की फेवरेट एजेंसी और हथियार ED ने AAP से जुड़े लोगों के यहां छापा मारा। एजेंसी ने कोषाध्यक्ष के यहां भी छापा मारा। 16 घंटे के छापे में अरविंद केजरीवाल के निजी सचिव और सांसद एनडी गुप्ता के घर कोई तलाशी नहीं ली। ये ED के इतिहास का ऐतिहासिक पंचनामा होगा। छापे के बाद ED सर्च और सीज के आधार पर पंचनामा देती है, लेकिन ED ने ये तक नहीं बताया कि वो किस मामले में छापा मारने आई है।”

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जेल में डालना ईडी का काम- आतिशी
आतिशी ने दावा किया है कि रेड के दौरान 16 घंटे तक ईडी के अधिकारी बिभव कुमार के ड्राइंग रूम में बैठे रहे। उन्होंने कहा, “ED ने सारे दिखावे खत्म कर दिए हैं और उनका मकसद दिल्ली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को कुचलना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पता है कि एक नेता है जो उनको चैलेंज करता है और उनकी धमकी से डरता नहीं वो अरविंद केजरीवाल है इसलिए ED का एक ही काम है, पहले जेल में डालो।”

केंद्रीय एजेंसी ईडी ने दिल्ली जल बोर्ड से जुड़े भ्रष्टाचार मामले में मंगलवार को अरविंद केजरीवाल के निजी सचिव बिभव कुमार और राज्यसभा सांसद एनडी गुप्ता समेत आम आदमी पार्टी के कुछ नेताओं के घर पर रेड की थी। बताया जा रहा है कि दिल्ली, चंडीगढ़ और वाराणसी में 10 से ज्यादा लोकेशंस पर एजेंसी ने छापेमारी की।

‘छापेमारी का मकसद अरविंद केजरीवाल को कुचलना’
आतिशी मार्लेना ने कहा कि आप के राज्यसभा के सांसद और कोषाध्यक्ष एनडी गुप्ता के यहां छापे पड़े। ईडी की छापेमारी का मकसद अरविंद केजरीवाल को कुचलना है। एक नेता है जो पीएम मोदी से डरता नहीं है वो नेता अरविंद केजरीवाल हैं। सारे नकाब उतारकर सिर्फ इसी काम पर लगाया गया है कि अरविंद केजरीवाल के सभी सहयोगियों को जेल में डालना है।

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ईडी पर लगाए गंभीर आरोप
उन्होंने आरोप लगाया कि पहले तय होता है कि किसे जेल में डालना फिर किस केस में डालना है। ईडी ने कहा कि अक्टूबर 2023 में ही उनके पास सीसीटीवी की व्यवस्था आई। ये भी बहुत अचंभे की बात है। इतनी बड़ी एजेंसी को सूत्रों के हवाले से खबर प्लांट करनी पड़ती है।

आप नेता ने कहा कि ईडी आधिकारिक रूप से सामने और बताए। कम से कम अपने लेटरहेड पर लिखकर बताए। कोर्ट में मामला है और ईडी के बयान का इंतजार करेंगे और कोर्ट में बताए कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश था हमने उसकी अवमानना में जाकर सीसीटीवी की रिकॉर्डिंग नहीं की। अगर कैमरा नहीं था तो कैमरा हायर क्यों नहीं किया। ये तो खुली कोर्ट की अवमानना है।

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