ED Raid: कौन हैं हरियाणा के दिलबाग सिंह, जिनके घर ED ने मारा छापा, मिला काला ‘खजाना’, नजारा देख अफसर भी हैरान

प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने आज हरियाणा में बड़ी कार्यवाई करते हुए आईएनएलडी के पूर्व विधायक दिलबाग सिंह और उनके सहयोगी के ठिकानों से करीब 5 करोड़ रुपये कैश बरामद हुआ है।

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न्यूज़लिंक हिंदी। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने आज हरियाणा में बड़ी कार्यवाई करते हुए आईएनएलडी के पूर्व विधायक दिलबाग सिंह और उनके सहयोगी के ठिकानों से करीब 5 करोड़ रुपये कैश बरामद हुआ है। इसके अलावा उनकी कोठी से अवैध विदेशी हथियार बरामद हुए हैं। ऐजेंसी ने अपनी रेड में 100 से अधिक शराब की बोतलें जब्त की। इस रेड के साथ दिलबाग सिंह की भारत और विदेश में कई संपत्तियों का खुलासा भी हुआ है।

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दिलबाग सिंह के घर से क्या-क्या मिला
ईडी की छापेमारी में अब तक दिलबाग सिंह के ठिकानों से 5 करोड़ के कैश मिल चुके हैं और नोटों की गिनती अब भी जारी है। माना जा रहा है कि कैश का आंकड़ा और बढ़ सकता है, क्योंकि नगदी गिनने का काम चल रहा है। इतना ही नहीं, दिलबाग सिंह के ठिकानों से विदेशी हथियार और 300 जिंदा कारतूस भी बरामद हुए हैं। दिलबाग सिंह और उनके सहयोगियों के परिसरों से भारत और विदेश में कई संपत्तियों सहित अवैध विदेशी निर्मित हथियार, 300 कार्तूस, 100 से अधिक शराब की बोतलें और 5 करोड़ नकद, कई किलोग्राम बुलियन बरामद किए गए हैं।

 

कौन हैं दिलबाग सिंह?
दिलबाग सिंह विधायक रह चुके हैं। 2009 में इन्होंने जीत हासिल की थी। मगर 2019 में इन्हें हार का सामना करना पड़ा था। हालांकि, इस चुनाव में वे हरियाणा के अमीर उम्मीदवारों में से एक थे। चुनाव के दौरान दिलबाग सिंह ने अपनी 34 करोड़ संपत्ति की घोषणा की थी। इनका ट्रांसपोर्ट और माइनिंग का बिजनेस है। दिलबाग सिंह कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से साल 1994 के ग्रेजुएट हैं।

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कैसे सामने आया यह मामला
मनी लॉन्ड्रिंग का यह मामला पिछले दिनों यमुनानगर और आसपास के जिलों में हुए कथित अवैध खनन की जांच के लिए दर्ज की गईं हरियाणा पुलिस की कई प्राथमिकियों से सामने आया है। ये प्राथमिकियां पट्टा समाप्ति और अदालत के आदेश के बाद भी पूर्व में हुए पत्थर, बजरी और रेत के कथित अवैध खनन की जांच के लिए दर्ज की गई थीं। केंद्रीय एजेंसी राजस्व और करों के संग्रह को आसान बनाने और खनन क्षेत्रों में कर चोरी को रोकने के लिए 2020 में हरियाणा सरकार द्वारा लाई गई ऑनलाइन योजना में कथित धोखाधड़ी की भी जांच कर रही है।

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